वाराणसी: एक महीने से किसान परेशान, हर दिन धान क्रय केंद्र के लगा रहे चक्कर

Smart News Team, Last updated: Wed, 10th Feb 2021, 8:17 PM IST
  • वाराणसी के अकेले कपसेठी धान क्रय केंद्र पर 51 किसानों का 30 लाख बकाया है. इस बार मानक से अधिक हुई खरीददारी फिर भी कई किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं. वहीं कई किसानों के बकाया रुपए नहीं दिए गए हैं जिससे वह परेशान होकर हर दिन धान क्रय केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं.
वाराणसी: एक महीने से किसान परेशान, हर दिन धान क्रय केंद्र के लगा रहे चक्कर

वाराणसी: किसानों कि आय दोगुनी करने का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार में वाराणसी के आदर्श ब्लॉक सेवापुरी में किसानों का धान खरीदने के लिए दो क्रय केंद्र तक्खू की बावली और कपसेठी मे खोले गए थे जहां बड़े पैमाने पर धान की खरीददारी भी हुई, सरकारी आंकड़े के अनुसार कपसेठी क्रय केंद्र पर 3 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य था लेकिन यहां पर लगभग 12 हजार कुंतल की खरीददारी की गयी. व

हीं तक्खू की बावली केंद्र पर 14 हजार कुन्तल खरीद लक्ष्य था लेकिन यहां पर 15.5 हजार कुन्तल धान की खरीद की गयी. इन आंकड़ों और दावों कि पोल तब खुलने लगी जब कई किसानों का रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद भी अपना धान नहीं बेच पाए और मजबूर होकर औने पौने दाम में प्राइवेट मंडियों को बेचने को मजबूर हुए.

किसानों का कहना है कि सरकारी रेट 1868 रुपए प्रति कुंटल का था, जिसका लाभ लेने के लिए व्यापारी व क्रय केंद्र के कर्मचारियों ने आपसी सांठगांठ कर परेशान किसानों से कम रेट पर धान खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेच दिया. जिसके बाद क्रय केन्द्रों पर छमता से अधिक धान की खरीददारी करा कर पहले ही भुगतान करा लिये. जिसके चलते पहले ही धान खरीद के लिए क्रय केंद्रों पर आया धन समाप्त हो गया. जिसके चलते जरूरतमंद किसान भुगतान से वंचित रह गए, क्योंकि जितना धन प्रशासन की ओर से आया है. उसका भुगतान पहले ही हो चूका है, और जो बाद में अधिक खरीदारी हुई है. उसके किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं.

राजनीतिक दल के नेताओं से दलित उत्पीड़न समेत कई मुकदमे वापस होंगे

जबकि 28 जनवरी को क्रय केंद्र का पोर्टल बंद कर दिया गया. आंकड़े के मुताबिक अकेले कपसेठी क्रय केंद्र पर 51 किसान जिनके लगभग 30 लाख का भुगतान एक महीने से रुका पड़ा है. एक तरफ सरकार किसानों की आमदनी दोगुना करने की बात कर रही है. उसके लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं. लेकिन किसान को अपने बेचर गए फसल की कीमत भी नहीं मिल पा रही है. जिससे किसानों को काफी दिक्कत हो रही है.

UP में बैंक का बड़ा फैसला, पति निकला डिफाल्टर तो पत्नी को नहीं मिलेगा लोन

इस मामले में पूछे जाने पर ए आर वीके सिंह ने बताया कि अकाउंटेंट की लापरवाही के चलते किसानों का भुगतान रुका पड़ा है जिसे गंभीरता से लेते हुए अकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया है. जल्द ही किसानों के बकाया भुगतान कर दिया जाएगा. उधर किसानों रंगनाथ, कैलाश, रविन्द्र, श्याम सिंह ने जिला प्रशासन से धान के खरीद में हुई व्यापारियों व कर्मचारियो के गठजोड़ की जांच कराने की मांग की है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें