वाराणसी: पहले सरकार से लिया मुआवजा फिर झूठी रजिस्ट्री बनाकर 20 लाख में बेची

Smart News Team, Last updated: Sun, 13th Jun 2021, 12:12 PM IST
  • लखनऊ-वाराणसी फोरलेन में हुई अधिग्रहित जमीन का सरकार से मुआवजा मिलने के बाद भी चार भाईयों ने मौजा दासेपुर स्तिथ अधिग्रहित जमीन की रजिस्ट्री कर उसे 20 लाख में चितौरा गांव निवासी हरेंद्र कुमार सिंह को बेच दिया. हरिंद्र सिंह ने हरहुआ डीह निवासी चार भाइयों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है.
वाराणसी: पहले सरकार से लिया मुआवजा फिर झूठी रजिस्ट्री बनाकर 20 लाख में बेची

वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन तैयार किया जा रहा है जिसके चलते 2015 में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा भी लोगों को दे दिया गया. इसके बावजूद चार भाईयों ने अधिग्रहित जमीन की रजिस्ट्री कर उसे बेच दिया. बता दें कि हरहुआ डीह निवासी चार भाइयों की मौजा दासेपुर में जमीन है. जिसका मुआवजा मिलने के बाद भी उसकी जूठी रजिस्ट्री बना कर चितौरा गांव निवासी हरेंद्र कुमार सिंह को 20 लाख रुपए में बेच दी.

हरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि उन चारों भाईयों ने उनके साथ धोखाधड़ी की है. सरकार की अधिग्रहित जमीन से मुआवजा लेने के बाद भी चारों भाइयों ने हरेंद्र कुमार सिंह को वही जमीन 20 लाख रुपये में बेच दी. जमीन में चार कमरे भी बने हैं. जब हरेंद्र कुमार पिंडरा तहसील में जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि यह जमीन फोरलेन में जा चुकी है. जिसके बाद से वह अपने पैसे वापस लेने के लिए परेशान हैं.

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हरिंद्र आगे बताया कि तहसील गए तो उन्हें पता चला कि फोरलेन निर्माण में इस जमीन का 18 वर्गमीटर हिस्सा चला गया. इसका मुआवजा 2015 में ले लिया गया. चारों भाइयों की इस धोखाधड़ी का शिकार हुए हरेंद्र अपने पैसे वापस लेने के लिए काफी परेशान हैं. हरिंद्र कुमार ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण से न्याय की गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ा जाए. मुआवजा लेने के बाद भी जमीन पर सभी काबिज हैं.

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