शूलटंकेश्वर से चुनार तक सैम मानेकशॉ क्रूज ने किया सफर, पहले दिन हुई इतनी बुकिंग

Pallawi Kumari, Last updated: Sun, 5th Sep 2021, 3:09 PM IST
  • लंबे इतजार के बाद आज 5 सितंबर को वाराणसी में सैम मानेकशॉ क्रूज का शुभारंभ हुआ. पहले दिन 90 सीटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग हुई. क्रूज में लोगों को गंगा किनारे की अलौकिक दृश्यों के साथ ही दक्षिण भारतीय व्यंजन भी परोसे गए.
सैम मानेकशॉ क्रूज का शुभारंभ. फोटो साभार- हिन्दुस्तान टाइम्स

वाराणसी: गंगा किनारे लहरों और मनोहरी दृश्यों की बीच आज सुबह 9:30 बजे कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने क्रूज को रवानी के लिए हरी झंड़ी दिखाई. रामनगर किला, बंदरगाह और गंगा की सुंदर और मनोरम दृश्य दिखाते हुए हर हर महादेव के उद्धोष के साथ बाबा भोलेनाथ के दर्शन और पूजा के लिए सैम मनेक शा क्रूज शूलटंकेश्वर पहुंचा. शूलटंकेश्वर से काशीवासियों को समेटे हुए यह चुनार किले की ओर बढा.

क्रूज पर यात्रा शुरू होते ही यात्रियों को नाश्ते में साउथ इंडियन इडली सांभर, बड़ा, मूंग दाल का हलवा, बनारसी कचौरी जैसे लजीज नाश्ता परोसा गया. क्रूज पर सवार लोगों ने गंगा के मनमोहक दृश्य के साथ ही स्वादिष्ट नाश्ते का भी आनंद लिया. यह पहली ऐसी सेवा है जिसमें यात्री आधुनिक सुख सुविधा युक्त लग्जरी क्रूज के माध्यम से गंगा की सैर का आनंद ले रहे हैं.क्रूज में आठ से नौ घंटे की यात्रा के दौरान लोगों की हर संभव सुविधा का ख्याल रखा गया.

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अलकनंदा क्रूज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विकास मालवीय के मताबिक, पहले दिन के लिए करीब 100 सीटों के ऑनलाइन टिकट बुक की गई, जिसमें 90 सीट तुंरत बुक हो गए. क्रूज की क्षमता 250 लोगों की है. लेकिन शुरूआत में 100 सीटों की बुकिंग की जा रही है. कैप्टन प्रदीप अधिकारी और टेक्निकल हेड गोपल चंद्रा कायल के साथ कुल 15 स्टाफ की टीम क्रूज का संचालन कर रही है. आठ से नौ घंटे की यात्रा में गंगा की लहरों, बाबा भोलेनाथ के दर्शन-पूजा के और चुनार किला घूमने के बाद शाम 5:30 बजे के करीब यात्रियों को वापस रविदास घाट पहुंचा दिया जाएगा.

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