निर्जला एकादशी पर पहली बार नहीं चढ़ेगा काशी विश्वनाथ को गंगाजल, जानें कारण

Smart News Team, Last updated: Sat, 19th Jun 2021, 9:58 PM IST
  • निर्जला एकादशी पर बाबा को देश की समस्त नदियों के अलावा मारीशस के शिव सरोवर, नेपाल की बागमती और चित्रकूट के पवित्र कूप का जल भी बाबा को अर्पित करने की परंपरा रही है. लेकिन इस बाक कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बाबा को सिर्फ दूध अर्पित किया जाएगा.
निर्जला एकादशी पर गंगा-कलश यात्रा में गंगा जल की बजाय दुग्धाभिषेक किया जाएगा.

वाराणसी- निर्जला एकादशी पर गंगा-कलश यात्रा में काशी विश्वनाथ का गंगा जल से अभिषेक नहीं किया जाएगा, बल्कि गंगा जल की बजाय दुग्धाभिषेक किया जाएगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके. यह फैसला शनिवार को आयोजक संस्था सुप्रभातम् की बैठक में लिया गया.

बताते चलें कि निर्जला एकादशी पर बाबा को देश की समस्त नदियों के अलावा मारीशस के शिव सरोवर, नेपाल की बागमती और चित्रकूट के पवित्र कूप का जल भी बाबा को अर्पित करने की परंपरा रही है. लेकिन इस बाक कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बाबा को सिर्फ दूध अर्पित किया जाएगा. आयोजन सचिव जगदंबा तुलस्यान के मुताबिक, शैवालों के कारण हरे और प्रदूषित हो चुके जिस गंगा जल का हम आचमन नहीं कर सकते, उसे बाबा को कैसे अर्पित कर सकते हैं.

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मिली जानकारी के मुताबिक, 21 जून को निकाली जाने वाली 24वीं वार्षिक कलश यात्रा में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मात्र 25 सदस्य प्रात: साढ़े सात बजे आरपी घाट से विश्वनाथ मंदिर रवाना होंगे. इस वर्ष यात्रा का नेतृत्व काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी करेंगे. श्री काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति के पदाधिकारी पवन चौधरी की अगुवाई में संपूर्ण व्यवस्था संभालेंगे.

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