वाराणसी :इस रक्षाबंधन पर जानें शुभ अशुभ महूर्त किस समय बांधे भाई की कलाई पर राखी

Smart News Team, Last updated: 04/08/2020 01:22 AM IST
  • वाराणसी - किस योग में राखी बांधने से होगा भाग्योदय। कौन सा समय है जब राखी बांधना निषिद्ध माना जायेगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस रक्षाबंधन पर जानें शुभ अशुभ महूर्त किस समय बांधे भाई की कलाई पर राखी। किस योग में राखी बांधने से होगा भाग्योदय। कौन सा समय है जब राखी बांधना निषिद्ध माना जायेगा।

उत्तर प्रदेश वाराणसी- भाई बहन के प्यार का त्यौहार रक्षा

बंधन 3 अगस्त सोमवार को इस बार मनाया जायेगा। हर वर्ष इस पर्व को भाई-बहन मिलकर मनाते हैं। रक्षा बंधन का त्यौहार इस बार बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिर्विद विमल जैन की मानें तो इस बार रक्षा बंधन पर सर्वार्थ सिद्धि सहित पांच सुखद संयोग बन रहे हैं। इसके अलावा इस दिन सावन पूर्णिमा, अन्न वाधन, वेद माता गायत्री जयंती, यजुर्वेद उपाकर्म, नारली पूर्णिमा, हयग्रीव जयंती, संस्कृत दिवस और सावन का पांचवां व अंतिम सोमवार भी है। इसी कड़ी में विमल जैन ने राखी बांधने का सबसे सही समय क्या होगा और किस वक्त राखी बांधने से बचना है इसके बारे में बताया है। आइये जानते हैं कि वो कौन सी शुभ घड़ी है, जिसमें भाई को राखी बांधने होगा लाभ।

राखी बांधने का सर्वश्रेष्ठ समय पर बनेगा आयुष्मान योग

ज्योतिर्विद विमल जैन ने बताया कि इस रक्षा बंधन पर आयुष्मान योग बन रहा है, ये योग भाई-बहन को लंबी उम्र देगा साथ ही शुभ मुहूर्त पर राखी बांधने से भाई-बहन का भाग्योदय भी करेगा। बता दें कि रक्षाबंधन पर सुबह 7.19 से लेकर अगले दिन 5.44 मिनट तक सर्वात्र सिद्धिकी योग बन रहा है जो बहुत ही खास है। रक्षाबंधन पर एक मुहूर्त ऐसा भी है जो ना सिर्फ भाई-बहन को लंबी उम्र देगा, बल्कि उनके भाग्य को भी मजबूत बनाएगा और वो सर्वश्रेष्ठ शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 25 मिनट से सुबह 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस अवधि काल में भाई को राखी बांधने से लाभ मिलेगा। वहीं शाम के वक्त जो बहनें राखी बांधना चाहती हैं उनके लिए सर्वश्रेष्ठ समय शाम 3 बजकर 50 मिनट से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। इस समय रक्षाबंधन मनाना भाई और बहन दोनों के लिए फलदायी रहेगा।

इस वर्ष राक्षबन्धन के 2 अशुभ पहर

वहीं इस बीच 2 अशुभ पहर भी बन रहे हैं जिससे हर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने से परहेज करना जरूरी है। सुबह 5 बजकर 44 मिनट से सुबह 9 बजकर 25 मिनट तक भद्रा रहेगी, जिसमें राखी बांधना निषिद्ध माना जाता है।इसके बाद, सुबह 7 बजकर 25 मिनट से सुबह 9 बजकर 05 मिनट के बीच दूसरी अशुभ घड़ी होगी, इस दौरान राखी भाइयों नहीं बांधे क्यूंकि इस घड़ी में राहु काल रहेगा। इस बार रक्षासूत्र तीन धागों का बांधना अति शुभ होगा। इसमें लाल, पीला और सफेद या लाल और पीला धागा होना जरूरी है। कुछ न होने पर बहनें कलावा भी भाई की कलाई पर श्रद्धा पूर्वक बांध सकती हैं।

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