अब गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी काशी की लोकल सरकार

Smart News Team, Last updated: Fri, 6th Aug 2021, 7:59 AM IST
  • वाराणसी जिले में जनगणना 2011 में चिन्हित किए गए गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के रहन-सहन को लेकर किया गया सर्वे कार्य पूरा हो गया है. तकरीबन 100 बिंदुओं के आधार पर किए गए इस सर्वे कार्य के दौरान चिन्हित किए गए काशी जनपद के 1229 राजस्व ग्राम में गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने कमर कस ली है.
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वाराणसी. बता दें कि साल 2011 की जनगणना में काशी जिले के कुल 1229 राजस्व ग्राम में एक लाख 19 हजार 931 गरीबी रेखा से नीचे रह रहे परिवारों को चिन्हित किया गया था. अब इन परिवारों के रहन सहन को लेकर किया गया सर्वे कार्य पूरा हो चुका है. सर्वे कार्य में यह तथ्य निकलकर आया है कि इन परिवारों को योजना का लाभ दो मिला है लेकिन इनके जीवन स्तर में सुधार की बात करना अभी बेमानी है. रहन-सहन को लेकर किए गए सर्वे के आधार पर अब केंद्र सरकार इन परिवारों को आर्थिक रूप से संभल बनाने को लेकर कार्य करेगी. इसके लिए शासन से स्थानीय प्रशासन को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

गरीब परिवारों के रहन-सहन को लेकर किए गए सर्वे के बाद जो कमियां पाई गई है उन्हें गरीबों की जरूरत के मुताबिक योजनाएं चलाकर पूरा किया जाएगा. गरीबों के रहन-सहन को लेकर अब तक जो रिपोर्ट प्राप्त हुई है उसके अनुसार सेवापुरी विकासखंड में 13798, पिंडरा विकासखंड में 14262, काशी विद्यापीठ विकास खंड में 14666, हरहुआ विकासखंड में 15982, चोलापुर विकासखंड में 14 293, चिरईगांव विकासखंड में 16778, बड़ागांव विकासखंड में 11173, आराजी लाइन विकासखंड में 18879 गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों को शामिल किया गया है.

इस संबंध में वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सर्वे से गरीबों को अब तक क्या मिला क्या जरूरत है यह तथ्य सामने आए हैं. इनकी जरूरत के मुताबिक योजनाएं बनाई जाएंगी और इस पर क्रियान्वयन करके गरीबों का जीवन स्तर और बेहतर किया जाएगा.

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