वाराणसी: पंडित जसराज ने अमेरिका की न्यू जर्सी से पवनसुत के दरबार में लगाई हाजिरी

Smart News Team, Last updated: 18/08/2020 02:32 PM IST
  • राग बिहाग सुर छेड़ने के बाद बरबस ही आंखों से छलक पड़े आंसू, बेटी ने संभाला हनुमान लला मेरे प्यारे लाला भजन गाने के दौरान उनकी आंखों से बरसने लगे आंसू कोरोना महामारी के चलते जसराज जी महाराज ने अमेरिका से दिया लाइव प्रसारण
पंडित जसराज

वाराणसी- कोरोना महामारी के चलते पूरा विश्व थम सा गया है. जिसके चलते लोगों ने अब तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है. ज्यादातर कार्यों के लिए लोग तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं जिससे कि फिजिकल डिस्टेंसिंग बनी रहे. भगवान के दरबार में भी ऑनलाइन अर्जी लगाई जा रही है.

मंगलवार को पंडित जसराज जी महाराज ने वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध संकट मोचन संगीत समारोह में अमेरिका से हाजिरी लगाई. उन्होंने अमेरिका के न्यू जर्सी से कार्यक्रम में भाग लिया. इस दौरान उन्होंने भावपूर्ण प्रस्तुति दी. इस प्रस्तुति में उनकी गायकी में दर्द छलक रहा था.

समारोह की शुरुआत उन्होंने अपने राग विहाग गायन से शुरू किया, जिसमें उन्होंने 'युग युग चले अचल जग की गति' गीत से सभी को भाव विभोर कर दिया. उनके होठों से फूट रहे हर एक शब्द से दर्द झलक रहा था.

गीत के माध्यम से उन्होंने संकट मोचन बजरंगबली हनुमान से पूरे विश्व के लिए कोरोना वायरस के प्रकोप से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की. अपने ही गायकी में जसराज जी महाराज इतना खो गए कि उन्होंने गाते गाते बजरंगबली से विनती करते हुए पूछा कि आपने सुना न मेरे बाबा....

इसके बाद पंडित जी ने 'जय हनुमान लला मेरे प्यारे लला' भजन गाए. इस दौरान उनकी आंखें छलकने लगी. उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. ऑनलाइन कार्यक्रम देख रहे दर्शक भी पंडित जी को देखकर भाव विभोर हो उठे. इस दौरान स्क्रीन पर कमेंट का सिलसिला शुरू हो गया. कार्यक्रम के दौरान भाव विभोर हुए पंडित जी को उनकी बेटी ने दुर्गा जसराज ने संभाला. कार्यक्रम को 1 लाख 71 हजार 347 लोग लाइव सुन रहे थे.

कार्यक्रम के दौरान समारोह के बीच में ही कई बार उनकी आवाज तकनीकी खराबी के चलते नहीं सुनाई दे रही थी. वीडियो चल रहा था लेकिन आवाज नहीं आ रही थी जिसके चलते श्रद्धालु श्रोता व्याकुल हो उठे. लोगों ने कमेंट करना शुरू कर दिया. किसी ने लिखा धैर्य का फल मीठा होता है तो अन्य किसी ने लिखा कि जल्द ही उनकी सुरीली आवाज हमें सुनने को मिलेगी.

संकट मोचन संगीत समारोह की यह प्रस्तुति ही उनकी अंतिम प्रस्तुति हो गई.

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