बदल रहा है बनारस का रूप, सड़कों पर घूमते हुए होगा यूरोपिय शहरों का एहसास

Smart News Team, Last updated: Sun, 21st Mar 2021, 11:09 AM IST
  • काशी में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में एक के बाद एक हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू कराए हैं जिससे शहर की सूरत बदल गई है. हेरिटेज पोल पर लगी फसाड लाइटों के बीच काशी की सड़कों पर लगे गुलाबी पत्थर आपको किसी यूरोपीय शहर में होने का अहसास कराते हैं.
बदल रहा है बनारस का रूप, सड़कों पर घूमते हुए होगा यूरोपिय शहरों का एहसास

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में आस्था के लिए मशहूर काशी का रूप अब पहले से काफी बदल चुका है. हेरिटेज पोल पर लगी फसाड लाइटों के बीच काशी की सड़कों पर लगे गुलाबी पत्थर आपको किसी यूरोपीय शहर में होने का अहसास कराते हैं. इसी तरह सोशल मीडिया पर गोदौलिया-दशाश्वमेध मार्ग की विभिन्न तस्वीरें वायरल हो रही हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा घाट जाने वाला रास्ता बदल चुका है. अब वहां न बिजली के तारों का जंजाल है और न ही ऊबड़ खाबड़ सड़के. रास्तों को भी नो व्हीकल स्ट्रीट्स बना दिया गया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में एक के बाद एक हजारों करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू कराए हैं. जिनमें अंडरग्राउंड केबलिंग, घाटों के सुंदरीकरण, अंडरग्राउंड गैस पाइपलाइन से लेकर हृदय योजना से हेरिटेज स्थलों का सुंदरीकरण, तालाब और कुंडों के सुंदरीकरण की योजना, सड़कों की स्थिति को सुधारने, गलियों को सुंदर बनाने का काम भी तेजी से हो रहा है.

बदल रहा है बनारस का रूप, सड़कों पर घूमते हुए होगा यूरोपिय शहरों का एहसास

प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भव्य रूप देने का काम जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा ताकि लोग गंगा स्नान कर के सीधे मंदिर में आ सकें. कॉरिडोर से गंगा की तरफ से आने वाले लोगों को भी मंदिर की भव्यता नजर आएगी.सड़कों के रास्ते आने वाले लोगों को भी भक्ति और आध्यात्म का एहसास कराने की भी तैयारियां चल रही हैं. मैदागिन से गोदौलिया मार्ग का हेरिटेज के तौर पर सुंदरीकरण किया जाएगा. सड़क कोबल स्टोन से बनाई जा रही है.

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बदल रहा है बनारस का रूप, सड़कों पर घूमते हुए होगा यूरोपिय शहरों का एहसास

केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई अमृत योजना के तहत देश के कुछ चुने हुए शहरों में मॉडल टाउनशिप बनाई जाएगी. इसमें उत्तर प्रदेश से केवल वाराणसी को चुना गया है. रिंग रोड से एयरपोर्ट के बीच करीब 250 हेक्टेयर में होने वाले शहर के विस्तार के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण को स्थानीय स्तर पर नोडल एजेंसी बनाया गया है. इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम शहरी विकास मंत्रालय की देखरेख में किया जाएगा.

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बनारस को सुंदर बनाने के लिए फिलहाल 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं. इनमें से 124 परीयोजनाएं की लागत आठ हजार करोड़ से ज्यादा है. इस 124 योजनाओं में प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट विश्वनाथ कॉरिडोर, जापान के सहयोग से नगर निगम के पास तैयार हो रहा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर और मैटरनिटी हॉस्पिटल बीएचयू समेत कई अन्य बड़ी योजनाएं शामिल हैं.

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