वाराणसी कमिश्नरी में तैनात पेशकार की मौत के बाद नौकरी-पेंशन के इंतजार में परिवार

Smart News Team, Last updated: Mon, 14th Jun 2021, 10:08 AM IST
  • पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में पेशकार रहे एसआई संजय श्रीवास्तव की मौत के बात उनके परिवार को आज भी नौकरी और पेंशन का सिर्फ इंतजार ही करना पड़ रहा है.
वाराणसी कमिश्नरी में तैनात पेशकार की मौत के बाद नौकरी-पेंशन के इंतजार में परिवार (फाइल फ़ोटो)

वाराणसी: परिवार के मुखिया की मौत के बाद अनुकंपा की नौकरी और बीमा की राशि तथा पत्नी के पेंशन के लिए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में पेशकार रहे एसआई संजय श्रीवास्तव का परिवार आज भी इंतजार में है. पुलिस विभाग से उनसे जुड़ी फाइल लखनऊ पुलिस मुख्यालय भेज दी गई है लेकिन अभी उनकी पत्नी की पेंशन शुरू नहीं हो पाई है, और वह इसी इंतजार में अपना एक-एक दिन काट रहीं है की पेंशन की शुरुआत हो गई तो उनके परिवार का गुजारा संभव हो सकेगा.

पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में पेशकार के पद पर कार्यरत मूल रूप से बलिया निवासी संजय श्रीवास्तव को गत 16 अप्रैल उनकी तबियत खराब हुई थी. सुचना मिलने पर परिवार के लोगों ने उन्हे हॉस्पिटल में भर्ती कराया. लेकिन 21 अप्रैल को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मौत के बाद परिजनों को आर्थिक रूप से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, उस दौरान उनके दफ्तर के साथियों ने ही परिवार की मदद की थी. मृत पेशकार संजय श्रीवास्तव के बड़े बेटे आशुतोष ने बताया कि पापा की मृत्यु के बाद उनके कार्यालय के साथियों ने उनकी बहुत मदद की.

वाराणसी: पैसे डबल का लालच देकर लूट-हत्या करने वाले गैंग का पर्दाफाश, 6 अरेस्ट

हम लोगों को विभागीय कार्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. पिता के साथियों ने हमें पूरी प्रक्रिया बताई. दफ्तर के लोग आज भी हम लोगों के संपर्क में हैं. हमारे परिवार और रिश्तेदार भी हमेशा सपोर्ट में खड़े रहते हैं. इसके बाद कई फंड मिल गए हैं, लेकिन अभी पेंशन शुरू नहीं हुआ है. उनके बेटे आशुतोष ने बताया कि हमने अपनी तरफ से पूरी प्रक्रिया कर दी है. 10 दिन पहले बनारस में पुलिस अधिकारियों से मिलने भी गए थे तो बताया गया कि सभी फाइलें पूरी कर दी गई है. फाइल मुख्यालय में भेज दी गई है. मृत पेशकार संजय कुमार श्रीवास्तव के चार बच्चे हैं. अश्विनी श्रीवास्तव (28), अर्चना श्रीवास्तव (24), आशुतोष श्रीवास्तव (18) और संतोष श्रीवास्तव (16) अश्विनी की पढ़ाई पूरी हो गई है. तीन बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं. परिवार का खर्च चलाने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी दिक्कतें आ रहीं हैं.

 

पेशकार संजय श्रीवास्तव के बेटे आशुतोष ने बताया कि पापा की फाइल बहुत पहले ही लखनऊ पुलिस मुख्यालय भेजी गई है. वहां से इस पर कम चल रहा है. उन्होंने बताया कि 50 लाख रुपए बीमा की राशि, पेंशन और नौकरी के लिए भी हम लोगों ने आवेदन कर दिया है.

खुशखबरी: प्रमाणपत्र है तो डीएल के लिए आरटीओ में आकर टेस्ट देने की जरूरत नहीं

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें