फिल्मी तरीके से की गई थी रिटायर्ड NTPC अधिकारी की हत्या, पुलिस ने किया सच का खुलासा

Smart News Team, Last updated: Thu, 9th Sep 2021, 1:42 PM IST
  • एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या की गुत्थी को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सुलझा लिया है. सात अगस्त की रात को कानपुर में नौबस्ता पुल के पास एक बुजुर्ग की लाश मिली थी. इसकी पहचान एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी वाराणसी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्तंड शाही के रूप में हुई थी. पुलिस के अनुसार एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की गई थी.
murderफिल्मी तरीके से की गई थी रिटायर्ड NTPC अधिकारी की हत्या, पुलिस ने किया सच का खुलासा (फाइल फोटो)

वाराणसी: एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या की गुत्थी को वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने सुलझा लिया है. रिटायर्ड अधिकारी की हत्या के लिए बनाए गया प्लान हॉलिवुड मूवी की कहानी जैसी है. सात अगस्त को कानपुर में नौबस्ता पुल के पास एक लाश मिली थी. इसकी पहचान एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी वाराणसी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्तंड शाही के रूप में हुई थी. मृतक के बेटे अमित शाही ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी. 

पुलिस के अनुसार एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी की हत्या करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए की गई थी. एनटीपीसी के रिटायर्ड अधिकारी वाराणसी निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मार्तंड शाही अकेलेपन का शिकार थे. उनका बेटा अमित शाही एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है. आरोपी रिटायर्ड अधिकारी के अकेलेपन का फायदा उठाते हुए पहले उसके करीब आ गया. मृतक की करोड़ों की संपत्ति हथियाने के लिए हत्या कर दिया. आरोपी इस हत्या को सुसाइड जैसा दिखाने के लिए बुजुर्ग के मोबाइल से बकायदा एक सुसाइड नोट भी कानपुर में रहने वाले उसके दामाद रिषी त्रिपाठी को भेजा था. पुलिस को बुजुर्ग की जेब में बनारस से वाया लखनऊ कानपुर की एक बस टिकट मिला था जिसके आधार पर हत्या की गुत्थी को सुलझाया गया.

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दरअसल जिस बस का टिकट जेब में मिल था रास्ते में खराब हो जाने के कारण वहाँ पहुंची ही नहीं थी. आरोपी ने रिटायर्ड अधिकारी को कानपुर में एक पार्टी में शामिल कराने के बहाने वहां ले गए थे. सफर के दौरान ही कानपुर के रामादेवी से नौबस्ता के बीच बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या कर दी. और बुजुर्ग की लाश को ठिकाने लगा दिया. आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया की कानपुर में शव इसलिए फेकने का प्लान बनाया ताकि मामला सीमा विवाद में उलझ कर रह जाए. इस हत्याकांड में राजेश चौहान और उसकी पत्नी कंचन चौहान ,मुंबई निवासी रामप्रवेश तिवारी, वाराणसी निवासी अखिलेश ठाकुर और निग्वेंद्र सिसौदिया का हांथ था.

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