वाराणसी की संस्कृत यूनिवर्सिटी में वेतन की मांग पर कर्मचारियों का धरना,कामकाज ठप

Smart News Team, Last updated: 07/09/2020 08:59 PM IST
  • वाराणसी के संस्कृत विश्वविद्यालय में वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं. धरने के कारण विश्वविद्यालय का कामकाज एक दम ठप हो गया है. आगामी कुछ दिनों में विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी शुरू होने वाली है जिस पर भी इस धरने का असर हो सकता है.
संपूर्णांनंद संस्कृत विश्वविद्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारी

वाराणसी. संपूर्णांनंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कर्मचारी प्रशासनिक भवन के बगल में धरने पर बैठे रहे. कर्मचारियों की मांग है कि सातवें वेतन आयोग में उनके बकाया का भुगतान किया जाए. विश्वविद्यालय ने इस पर असमर्थता जताई. कुलसचिव का कहना है कि कर्मचारियों के काम न करने से विश्वविद्यालय का काम रूका पड़ा है. जिसका सबसे ज्यादा असर परीक्षाओं पर पड़ेगा. विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 15 सितंबर से शुरू हो रही हैं.

देश भर के विश्वविद्यालयों में परीक्षाओं की चल रहीं हैं लेकिन वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कार्यालय में सोमवार को ताला लगा रहा. दरअसल, विश्वविद्यालय के तमाम कर्मचारी वेतन को लेकर धरने पर बैठ गए हैं. कर्मचारी सातवें वेतन आयोग के बकाये के भुगतान की मांग कर रहे हैं. इस वजह से विश्वविद्यालय का काम ठप्प पड़ा हुआ है.

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कर्मचारियों की इस हड़ताल से विश्वविद्यालय तो बंद है ही लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर परीक्षाओं पर पड़ने वाला है. विश्वविद्यालय के कुलसचिव का कहना है कि कर्मचारियों के काम से बहिष्कार करने का सबसे ज्यादा असर परीक्षा पर होने वाला है. विश्वविद्यालय की परीक्षाएं 15 सितंबर से शुरू हो रही हैं. इसके अलावा विश्वविद्यालय ने कुछ दिन पहले दाखिले से संबंधित सूचना दी थी. जिसके अनुसार, विश्वविद्यालय 15 सितंबर तक दाखिले को पूरा करना चाहता है लेकिन कर्मचारियों के धरने से उस पर भी असर पड़ सकता है.

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प्रशासनिक भवन के बगल में धरने पर बैठे कर्मचारी किसी भी हालत में अपना बकाया भुगतान चाहते हैं. जिस पर विश्वविद्यालय ने असमर्थता जताई है. कुलसचिव ने कहा कि 30 सितंबर से पहले किसी भी कर्मचारी का भुगतान नहीं हो सकता.

 

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