वाराणसी: SDM की कोशिशें लाई रंग, रुके हुए सुलभ शौचालय का निर्माण शुरू

Smart News Team, Last updated: 01/09/2020 05:02 PM IST
  • वाराणसी के मनियारीपुर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा था जिसमें जमीन को लेकर ग्राम प्रधान और गांव के किसानों के बीच विवाद हो गया  था. लेकिन एसडीएस के हस्तक्षेप से दोबारा सुलभ शौचालय का निर्माण शुरू हो गया है.
शुलभ शौचालय के निर्माण कार्य में लगे मजदूर.

वाराणसी. नीति आयोग के निर्देश पर आदर्श ब्लॉक सेवापुरी में सभी ग्राम पंचायतो में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जाना है. इस योजना के तहत ग्राम पंचायत मनियारीपुर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया जा रहा है. बता दें कि इस निर्माण कार्य को पहले शुरू किया गया था, लेकिन तब आधा दर्जन से अधिक किसानों ने जिस जमीन पर निर्माण किया जा रहा था उसे अपना बताते हुए शौचालय का निर्माण रोक दिया था. वहां से ईटें भी उखाड़कर फेक दिया गया था. लेकिन एसडीएम मनिकन्दन ने इस बाबत उल्लेखनीय प्रयास किया और ग्रामीणों को इस विषय में समझाया. एसडीएम के बातों का गांव वालों पर असर भी हुआ और गांव के किसान शौचालय बनाने को राजी हो गए. इस तरह से रुका काम मंगलवार को एसडीएम के प्रयासों से शुरू हो गया. 

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जानकारी के मुताबिक बिते मंगलवार को गांव के प्रधान ने सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू कराया. निर्माण कार्य शुरू होते ही वहां मनियारीपुर ग्राम पंचायत के कई किसान मौके पर पहुंच गए. किसान कहने लगे कि जिस जमीन पर शौचालय बनाया जा रहा है वह उन लोगों के नाम पर है. इस तरह किसानों ने वहां निर्माण कार्य रुकवा दिया. यहां तक कि किसान इस बात से नाराज होकर वहां से मजदूरों को भगाने के बाद नींव उखाड़ कर भी फेंक दिए. 

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कहासुनी इतनी बढ़ गई कि ग्राम प्रधान और किसान आमने-सामने आ गये. इस बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर विवाद भी हुआ. ग्राम प्रधान ने तत्काल घटना की जानकारी जंसा पुलिस व एसडीएम राजातालाब को दिया. सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला को शांत कराया. घटना की सूचना पाकर एसडीएम भी मौके पर पहुंच गए और मामले की जानकारी ली. विवाद के मद्देनजर एसडीएम ने दोनों पक्षो को जंसा थाना बुलाया और वहां मैराथन पंचायत किया. इस तरह गांव के किसानों को एसडीएम ने समझाया और किसान भी मान गये. जिससे एसडीएम के हस्तक्षेप के चलते दोनों पक्षों की मर्जी के साथ अब शौचालय बनना शुरू हो गया है.

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