हम आराम देने वाले नहीं, सेवादार हैं : स्वामी विवेकानंद जन्मशती पर विशेष

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 2:55 PM IST
  • अपने जीवन काल में काशी की मिट्टी से जुड़े रहने वाले स्वामी विवेकानंद के विचारों से सभी लोग प्रभावित थे.
हम आराम देने वाले नहीं, सेवादार हैं : स्वामी विवेकानंद जन्मशती पर विशेष

वाराणसी. अपने जीवन काल में काशी की मिट्टी से जुड़े रहने वाले स्वामी विवेकानंद के विचारों से सभी लोग प्रभावित थे. आत्मीय मुलाकात कर दूसरों की दोनों हाथ से मदद करने वाले स्वामी विवेकानंद की 19वीं सदी के प्रारंभिक काल में प्रसिद्धि देश में ही नहीं बल्कि विदेशों तक फैली हुई थी.

सन 1902 में जब वह अपने प्रवास काल में काशी आए तो उनकी प्रसिद्धि से प्रभावित होकर भिनगा राज राजर्शी उदय प्रताप जूदेव ने उनसे मिलने की इच्छा प्रकट की. भेंट को लेकर भिनगा राज ने स्वामी विवेकानंद जी को संदेश भी भिजवाया किंतु उस समय स्वामी जी एकांतवास के उपवास पर थे. इस कारण वे आश्रम से बाहर नहीं जा सकते थे. तो स्वयं भिनगा राज स्वामी जी से मिलने पैदल ही उनके आश्रम में आ गए. यहां उनकी मुलाकात के दौरान शास्त्र वेद उपनिषद की चर्चा हुई. बातचीत से भिनगा राज स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित हुए. विदाई के समय भिनगा राज ने स्वामी जी को वेदों के प्रचार के लिए निमित्य स्वरूप 500 की सहयोग राशि भेंट की. इसी धनराशि से स्वामी जी ने काशी के लक्सा स्थित होम ऑफ सर्विस के परिसर में ही श्री रामकृष्ण अद्वैत आश्रम बनवाया.

स्वामी जी की प्रेरणा से काशी के कुछ युवाओं ने केदारनाथ भौमिक यामिनी रंजन व चारु चंद्र दास की अगुवाई में गंगा के दशाश्वमेध घाट पर और बाद में रामापुरा स्थित दो कमरों के भवन में द पुअर मैन रिलीफ एसोसिएशन के नाम से आरोग्यशाला की शुरुआत की. आरोग्यशाला में गरीब तबके के लोगों का निशुल्क उपचार किया जाता था.

जब स्वामी जी काशी आए तो लोगों ने उन्हें इस अभियान के बारे में जानकारी दी. इससे प्रभावित होकर स्वामी विवेकानंद स्वयं आरोग्यशाला पहुंचे और युवाओं की पीठ थपथपाई लेकिन जब उन्होंने आरोग्यशाला का नाम पढ़ा तो कहा कि हमारी सामर्थ सिर्फ सेवा तक ही संभव है रिलीफ देने वाले हम नहीं हैं. रिलीफ देना तो केवल ईश्वर के हाथ में है. स्वामी जी की इस बोल से आरोग्यशाला के युवा काफी प्रभावित हुए उन्होंने आरोग्यशाला का नाम बदलकर होम आफ सर्विस रख दिया. आगे चलकर यही होम आफ सर्विस बाद में रामकृष्ण मिशन से जुड़कर लक्सा क्षेत्र का एक बड़ा अस्पताल बन कर उभरा.

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