वाराणसी बुनकरों की हड़ताल दीवाली तक स्थगित, फिक्स रेट के लिए जारी रहेगा आंदोलन

Smart News Team, Last updated: 01/11/2020 08:19 PM IST
वाराणसी बुनकरों ने फिक्स रेट पर बिजली की मांग को लेकर अपनी हड़ताल को दीपावली तक स्थगित कर दिया है. लेकिन बुनकरों का कहना है कि अगर उनकी मांगो को नहीं माना गया तो वह दोबारा दिवाली के आंदोलन शुरू कर देंगे.
वाराणसी बुनकर अपनी हड़ताल को दिवाली तक किया स्थगित

वाराणसी के बुनकरों की हड़ताल पिछले दो हफ्ते से चाल रही है जिसे रविवार को दीपावली तक के लिए स्थगित कर दिया गया. बुनकरों ने भले ही मंडी बंद रखने का फैसला वापस ले लिया है लेकिन बिजली के फ़्लैट रेट की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का फैसला भी किया है. बनारस के बुनकर बिजली के फ़्लैट रेट सहित अपनी विभिन्न मांगो को लेकर 15 अक्टूबर से हड़ताल कर रहे थे.

बुनकर बीरादराना तंजीम बाईसी के सरदार हाजी अब्दुल कलाम ने बुनकरों की हड़ताल को दीपावली तक के लिए स्थगित कर दी है. उन्होंने ने हड़ताल समाप्ति की घोसणा करते हुए कहा कि इन त्योहारों के मौके पर बुनकरों के हड़ताल से बुनकर और आम लोगों को भी समस्या हो रही है. जिसके चलते दीपावली तक हड़ताल खत्म कि जा रही है. यदि इस बीच सरकार की तरफ से कोई वाजिब जवाब आता है तो ठीक अन्यथा बुनकर दोबारा हड़ताल पर चले आएंगे.

वाराणसी: CM योगी ने माफियाओं और अपराधियों पर दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

हाजी अबुल कलाम ने सभी बुनकरों को पत्र जारी कर काम पर लौटने के लिए कहा है. उन्होंने ने आगे कहा कि फ़्लैट रेट पर बिजली की मांग जारी रहेगी. साथ ही एमएलसी अशोक धवन के माध्यम से बुनकरों की मांग को लेकर यूपी के सीएम योगी तक पहुंचाया जाएगा.

सर सुंदरलाल हॉस्पिटल में ऑनलाइन बुकिंग से मरीज परेशान, तीन गुना ज्यादा हुई फीस

योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी के विकास कार्यो की समीक्षा करने के लिए पहुंचे थे. सीएम से मिलकर अपनी बात रखने के लिए बुनकरों का एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रयास भी किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई. बुनकरों के पास करोड़ो के आर्डर हड़ताल के चतले फंसे हुए थे, जिससे व्यापारियों की भी चिंता बढ़ी हुई थी. बुनकरों दीपावली तक के आर्डर पूरा करके दोबारा आन्दोलनं करेंगे.

31 अक्टूबर: लखनऊ कानपुर आगरा वाराणसी मेरठ में आज वायु प्रदूषण एक्यूआई लेवल

वाराणसी: डेंगू और मलेरिया से निपटने में जुटे स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें