Viral Video: बीएचयू में बच्चों को दी जा रही गोबर से उपले बनाने की ट्रेनिंग, छिड़ी बहस

Atul Gupta, Last updated: Mon, 7th Feb 2022, 5:01 PM IST
  • बनारस यूनिवर्सिटी में बच्चों को सेमिनार में गोबर से उपले बनाना सिखाया जा रहा है. यही नहीं बच्चों को ये भी कहा जा रहा है कि वो गांव गांव जाकर लोगों को उपले बनाने का प्रशिक्षण भी दें.
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (फोटो- सोशल मीडिया)

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मौजूद देश की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों को गोबर के उपले बनाना सिखाया गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रोफेसर बच्चों को सिखा रहे हैं कि गोबर से उपले कैसे बनाएं. प्रोफेसर मिश्रा बच्चों को बता रहे हैं कि गोबर से कंडे या उपले कैसे बनाए जाते हैं. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ट्विटर अकाउंट से इस वर्कशॉप का वीडियो शेयर किया गया जिसपर विवाद हो रहा है.

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के इंटीग्रेटेड विलेज डेवलपमेंट सेंटर में बच्चों को उपले बनाने की ट्रेनिंग दी गई. वीडियो में प्रोफेसर मिश्रा बता रहे हैं कि उपलों का इस्तेमाल हवन के लिए हो सकता है इसके अलावा उपले का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए भी हो सकता है.यही नहीं प्रोफेसर मिश्रा ने केंद्र सरकार से भी अपील की है कि वो ऐसे उत्पादनों को प्रमोट करें जो गोबर से बनते हों.

प्रोफेसर मिश्रा ने कहा कि .उपलों के प्रमोशन से किसानों की आय में बढोतरी होगी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि स्टू़डेंट गांव गांव घुमकर लोगों को उपले बनाने की ट्रेनिंग देंगे. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग यूनिवर्सिटी में आयोजित इस तरह के सेमिनार का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए होती है ताकि वो किसी स्पेशलाइजड विषय को हासिल कर सके ना कि इसलिए कि वहां उन्हें गोबर से उपले बनाना सिखाया जा सके.

एक और यूजर ने कहा कि गांव की महिलाओं को उपले बनाने के लिए ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है, वो सालों से नहीं दशकों से उपले बनाना जानती हैं और गांव के लोगों को इन सब चीजों की ट्रेनिंग लेने के लिए किसी यूनिवर्सिटी की जरूरत नहीं है. गांव में महिलाएं उपले का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करती हैं और अब तो उपले ई कॉमर्स वेबसाइट पर भी मिलने लगे हैं.

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