यूपी के याकूब शेख बने मुंबई हज कमेटी के नए CEO, 2011 बैच के हैं IRAS अधिकारी

Smart News Team, Last updated: Sat, 11th Sep 2021, 7:24 PM IST
  • अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के आदेश के मुताबिक मुंबई स्थित हज कमेटी ऑफ इंडिया के नए सीईओ का पद याकूब शेख संभालेंगें.
यूपी के याकूब शेख बने हज कमेटी के नए CEO, 2011 बैच के हैं IRAS अधिकारी

वाराणसी: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के एक आदेश मुताबिक मुंबई स्थित हज कमेटी ऑफ इंडिया के नए सीईओ का पद याकूब शेख संभालेंगें. इससे पहले वह लंबे समय तक भारतीय रेल सेवा के साथ जुड़े रहे. वर्तमान समय तक वह बतौर उप वित्त सलाहकार के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय रेल सेवा में बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से की थी. और वहां वे बतौर डीएफएम के पद पर पहली नियुक्ति ली थी. अब नई नियुक्ति होने के बाद जल्द ही वह मुंबई स्थित हज कार्यालय से जुड़ जाएंगे.

बता दें कि मुम्बई स्थित हज कमेटी के नए CEO याकूब शेख मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जो अब इलाहाबाद का परिवर्तित नाम है, के रहने वाले हैं. 2011 में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा के तहत IRAS में हुआ था. प्रयागराज के उग्रसेनपुर निवासी याकूब शेख शुरू से ही पढ़ाई लिखाई में अव्वल रहे. जिला पंचायत इंटर मीडिएड कॉलेज से उन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की. इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया और 2004 में स्नातक किया. 2006 में इसी विश्वविद्यालय से उन्होंने राजनीति विज्ञान विषय से परास्नातक की डिग्री भी पूरी की. विश्वविद्यालय के जीएन झा हास्टल में रहकर उन्होंने डाक्टरेट यानि पीएचडी की पढ़ाई भी पूरी की.

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औरों की तरह याकूब शेख ने भी प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए साल 2007 में दिल्ली का रुख किया. वहां रहकर उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए जी जान से तैयारी की. लगातार दो बार मुख्य परीक्षा में शामिल होने के बाद साल 2011 में यूपीएससी की इस कड़ी परीक्षा को पास कर लिया. यूपीएससी के तहत उन्हें IRAS बनाया गया. इसके बाद उन्हें भारतीय रेल सेवा में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बतौर डीएफएम पहली नियुक्ति मिली. दो भाइयों में छोटे याकूब शेख ने अपने शुरुआती दिनों में बहुत संघर्ष किया है. विपरीत हालात में रहकर बिना हारे कई चुनौतियों को पारकर किया है. तब जाकर कहीं वह आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं. 

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