वाराणसी : 100 वर्ष पूरे होने पर रोशनी से जगमगाया काशी विद्यापीठ

Smart News Team, Last updated: 11/02/2021 02:52 PM IST
  • शताब्दी वर्ष पर काशी विद्यापीठ रोशनी से जगमगा उठी है. जगह-जगह सजाई गई रंगोली कैंपस में चार चांद लगा रही है. विद्या पीठ की ओर से होर्डिंग भी लगाए गए हैं कि शताब्दी वर्ष महोत्सव में आपका हार्दिक स्वागत है.
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (फाइल तस्वीर)

वाराणसी : आज से ठीक 100 साल पहले 11 फरवरी 1920 को अंग्रेजो के खिलाफ चलाए गए असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने काशी विद्यापीठ की स्थापना की थी. अपनी गौरवशाली परंपरा को निरंतर कायम रखते हुए आज यानी गुरुवार को काशी विद्यापीठ ने अपने 100 साल पूरे किए हैं. इस मौके पर विद्यापीठ प्रशासन की ओर से शताब्दी वर्ष साप्ताहिक महोत्सव आयोजित किया गया है. गांधी अध्ययन पीठ हो या फिर पंत प्रशासनिक भवन भारत माता मंदिर सभी जगह रंगोली सजाकर भवनों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है. शताब्दी वर्ष समारोह के पहले दिन राष्ट्रीय सेवा योजना विश्वविद्यालय इकाई के स्वयंसेवकों की परिसर से पदयात्रा निकाली गई. 

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर पीएन सिंह ने इस पद यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस पदयात्रा में स्वयंसेवकों के हाथों में पोस्टर भी थे जिस पर लिखा था काशी विद्यापीठ के शताब्दी समारोह में आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. इस पदयात्रा में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के पूर्व कुलपति प्रोफेसर योगेंद्र सिंह एनएसएस के समन्वयक डॉक्टर के के सिंह डॉ चंद्रशेखर सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यापीठ के प्रोफेसर एवं छात्र शामिल हुए. काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर डी एन सिंह ने बताया कि शताब्दी समारोह का फेसबुक व यूट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है. इस कॉलिंग विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिया गया है.शताब्दी वर्ष के मौके पर कुलपति ने कुल गीत के ऑडियो का भी लोकार्पण किया. 

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कुलपति ने बताया कि 7 दिवसीय शताब्दी समारोह के मद्देनजर विद्यापीठ में 16 फरवरी तक पठन-पाठन का कार्य स्थगित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि शताब्दी समारोह के दौरान पांच दिवसीय हस्तशिल्प व पुस्तक मेला का उद्घाटन आज यानी गुरुवार को है. बताया कि इसका उद्घाटन राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र करेंगे. उन्होंने बताया कि पुस्तक मेले में दिल्ली आगरा लखनऊ वाराणसी के करीब 20 प्रशासकों का स्टॉल लगाया जाएगा. वही ललित कला विभाग में हस्तशिल्प व कला मेला आयोजित किया गया है. जिसमें ललित कला के छात्रों ने आदिवासियों की जीवनशैली से जुड़ी कुल देवी की गुफा मुखौटा के अलावा चोरी चोरा जेल गंगा घाट व नाव मोर पर सवार मा सरस्वती देवी की कलाकृतियां बनाई है.

 

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