वाराणसी : ठंड के मौसम में टहलने से बचे सांस व दिल के मरीज

Smart News Team, Last updated: Sat, 6th Feb 2021, 12:11 PM IST
  • बदलता मौसम और बड़ी सर्दी तरह तरह के संक्रमण का कारण बनती है. ऐसे में खानपान और दिनचर्या में गड़बड़ी के साथ लापरवाही सास और दिल के रोगियों के लिए भारी पड़ सकती है. ऐसे रोगी सुबह के समय टहलने से बचें और खानपान का विशेष ख्याल रखें.
ठंड के मौसम में टहलने से बचे सांस व दिल के मरीज (प्रतीकात्मक तस्वीर)

वाराणसी : काशी के कबीर चौरा स्थित मंडली अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं चेस्ट फिजिशियन डॉ. आर. के. शर्मा बताते हैं कि इन दिनों सर्दी के मौसम में सुबह शाम कोहरा होने से वातावरण में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड एवं कार्बन मोनोऑक्साइड की बूंदे हवा में तैरती हैं. जो सेहत के लिए काफी खतरनाक साबित होती है. ऐसे मौसम में सांस व दिल के मरीज लापरवाही बिल्कुल ना करें. सुबह के समय टहलने से बचें. 

उन्होंने बताया कि बुखार का आना इसका संकेत है कि हमारा शरीर संक्रमण से लड़ रहा है. बताया कि जब कोहरा पड़ता है तो पानी के साथ विषाक्त गैसे बूंदों में घुल घुल जाती हैं. यह बूंदे सांस के माध्यम से फेफड़े में पहुंचकर सूजन पैदा करती हैं. जिससे सांस के मरीजों को तकलीफ होती है. उन्होंने बताया कि वायरल बुखार भी स्वास क्रिया के सिस्टम को प्रभावित करता है जिससे मरीज की सांस फूलने लगती है.

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उन्होंने बताया कि हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों को चाहिए कि वह इस मौसम में समय-समय पर अपनी दवाई लेते रहें. लापरवाही बिल्कुल ना बरतें दबाना खाने से ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है जिससे ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे रोगी अधिक नमक चिकनाई युक्त खानपान और तले भुने खाद्य पदार्थ खाने से परहेज करें.

 

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