सोलर प्लांट से हर साल 20 लाख रुपए की बचत कर रहा कैंट रेलवे स्टेशन

Smart News Team, Last updated: 15/12/2020 05:32 PM IST
  • दिनों दिन महंगी हो रही बिजली से आज आम आदमी ही नहीं बल्कि केंद्र व राज्य सरकार के अधीन संचालित विभाग भी तापीय बिजली के विकल्प के तौर पर सोलर ऊर्जा आधारित बिजली को अपनाने लगे हैं. 
कैंट रेलवे स्टेशन को सोलर प्लांट से हो रही 20 लाख की बचत

वाराणसी . उत्तर रेलवे के कैंट स्टेशन पर स्टेशन प्रशासन की ओर से गत वर्ष 2019 में 1.6 मेगा वाट का सोलर प्लांट लगवाया था. स्टेशन पर मौजूद 9 प्लेटफॉर्म के अलावा एक प्रशासनिक भवन भी मौजूद है. स्टेशन प्रशासन ने स्टेशन के सभी नो प्लेटफॉर्म ओं के साथ ही प्रशासनिक भवन पर भी सोलर प्लांट स्थापित किया हुआ है. तापीय बिजली के माध्यम से गर्मी के दिनों में इस रेलवे स्टेशन का सर्वाधिक विद्युत बिल 80 लाख प्रति महीने आया करता था. वही औसत दिनों में रेलवे स्टेशन तापीय विद्युत बिल 60 लाख रुपए प्रति महीने देता रहा है. जब से कैंट रेलवे स्टेशन प्रशासन की ओर से सोलर प्लांट स्थापित कराया गया है. तब से कैंट रेलवे स्टेशन का बिजली पर औसतन खर्च घटकर 40 लाख रुपए प्रतिमाह हो गया है. इस लिहाज से सोलर प्लांट लगवा कर कैंट रेलवे स्टेशन प्रशासन हर साल तकरीबन 20 लाख रुपए की बचत कर रहा है.

इस संबंध में रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वाराणसी मंडल अशोक कुमार ने बताया कि सोलर प्लांट लगवाने से बिजली के खर्च में कमी आई है. रेलवे का यह निर्णय सफल रहा है. बताया कि इसी तरह काशी रेलवे स्टेशन पर 100 किलो वाट का सोलर प्लांट स्थापित कराया जा रहा है इसके साथ ही ऑडीहार रेलवे स्टेशन पर भी साडे 4 किलो वाट का सोलर प्लांट लगवाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अन्य रेलवे स्टेशन पर भी सोलर प्लांट लगवाने के लिए रेलवे बोर्ड में मंथन का दौर जारी है. रेलवे स्टेशनों के अलावा अब सरकारी विभाग के कार्यालयों ने भी सोलर प्लांट स्थापित कराने की दिशा में अपने अपने कदम बढ़ा दिए हैं.

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इस क्रम में जलकल कार्यालय नगर निगम के जोनल कार्यालय के अलावा दीनापुर गोइठहां रमना भगवानपुर एसटीपी परिसर में भी सोलर प्लांट लगाए जाने की दिशा में कार्य शुरू करा दिया गया है. वही नगर निगम ने भी अपने मुख्यालय कार्यालय सहित जोनल कार्यालय, विकास भवन मुख्य भवन प्रशिक्षण केंद्र और अस्पताल परिसर में भी सोलर प्लांट लगाने की संस्तुति कर दी है.

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