वाराणसी: कोरोनावायरस ने कतरे स्कूली बच्चों की प्रतिभा के पंख

Smart News Team, Last updated: 27/11/2020 07:54 PM IST
  • कोरोनावायरस ने सामाजिक ढांचे के ताने-बाने को हिला कर रख दिया है. आम आदमी अपने व्यवसाय और रोजी-रोटी से दुखी तो है ही, वही कोरोना अब स्कूली बच्चों की प्रतिभा के पंख कतरने शुरू कर दिए हैं. 
इस बार गंगा महोत्सव में नहीं होंगे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम

वाराणसी. बताते चलें कि वाराणसी जनपद में गंगा महोत्सव के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं की शुरुआत साल 2008 में शुरू की गई थी. तब से लेकर साल 2019 तक लगातार यह प्रतियोगिताएं माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित होती रही हैं. लेकिन साल 2020 में निकल कर सामने आई वैश्विक स्तर की कोरोना महामारी मैं आम आदमी की दिनचर्या के साथ ही सामाजिक ढांचे के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रखा है. एहतियात के साथ आयोजित होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के बावजूद भी कोरोनावायरस का प्रकोप कम होता नहीं दिख रहा है.

कोरोनावायरस की वजह से वाराणसी के माध्यमिक विद्यालयों में गंगा महोत्सव के तहत होने वाले सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रमों की परंपरा इस वर्ष टूटती नजर आ रही है. गंगा महोत्सव के तहत माध्यमिक विद्यालयों की सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में वाराणसी जिले के तकरीबन 40 विद्यालयों के बच्चे प्रतिभा कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, किंतु इस बार इन प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए नामित नोडल विद्यालय सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज की ओर से प्रतियोगिता आयोजन की मांगी गई अनुमति को भी पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से ठंडे बक्से में डाल दिया गया है.

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नोडल विद्यालय के प्रधानाचार्य विश्वनाथ दुबे बताते हैं कि माध्यमिक विद्यालयों की सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं में अव्वल आने वाले बच्चों को गंगा महोत्सव आयोजन समिति की ओर से बड़ा मंच उपलब्ध करा कर उनकी प्रतिभा की धार को और तेज बनाया जाता रहा है. बताया कि उनकी ओर से एक पखवाड़े पहले माध्यमिक विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से पत्र सौंपकर सहमति मांगी गई थी. हालांकि प्रतियोगिताएं तीन दिवसीय होती हैं किंतु कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन से केवल एक जिप्सी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति मांगी गई है किंतु जिला प्रशासन की ओर से अब तक माध्यमिक विद्यालयों की प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए सहमति पत्र नहीं मिला सका है.

ऐसी सूरत में वाराणसी जनपद में गंगा महोत्सव के तहत माध्यमिक विद्यालयों की सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं के आयोजन की 12 साल की परंपरा टूटती नजर आ रही है.

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