दिसम्बर 2020 तक तैयार होकर भारत- जापान दोस्ती की गवाही देगा कन्वेंशन सेंटर

Smart News Team, Last updated: 14/10/2020 03:45 PM IST
  • जल्द बनकर तैयार होने वाली आलीशान इमारत 2015 साल के अंत में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बनारस में मुलाकात व अटूट दोस्ती की प्रमुख गवाह बनेगी.
कन्वेंशन सेंटर में बनारस की कला, संगीत व संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए बनेंगी गैलरी भारत जापान की दोस्ती होगी मजबूत

वाराणसी. वाराणसी के सिगरा स्थित नगर निगम मुख्यालय के पास बन रहा अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर जल्द बनकर तैयार हो जाएगा. जापानी कंपनी के सहयोग से बनकर तैयार हो रही इस इमारत में जापानी टेक्नोलॉजी व वास्तुकला का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा. यह कन्वेंशन सेंटर करीब 186 करोड़ की लागत से बन रहा है और इसका ऊपरी हिस्से पर शिवलिंग सहित भगवान भोलेनाथ पंचमुखी रुद्राक्ष की तरह विराजमान रहेंगे.

खास बात यह भी है कि सेंटर में लगने वाली ईंटों में बनारस के कृषि उत्पाद अवशेषों से बनी मिट्टी का प्रयोग किया गया है जो कि बाहर के उच्च ताप को सहन करने की क्षमता रखेगी. कन्वेंशन सेंटर में बनारस की कला, संगीत व संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए गैलरी बनेंगी. करीब 1200 लोगों को बैठने की बेहतर सुविधा होगी और पार्किंग की भी बेहतर व्यवस्था होगी.

वाराणसी: सरकार की दुर्गा पूजा गाइडलाइन पर महोत्सव आयोजक नाराज, जताया आक्रोश

इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, म्यूजिक कांसर्ट व एग्जिविशन की भी सुविधा होगी.जल्द बनकर तैयार होने वाली आलीशान इमारत 2015 साल के अंत में हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बनारस में मुलाकात व अटूट दोस्ती की प्रमुख गवाह बनेगी. 2.87 हेक्टेयर एरिया में बन रहे कन्वेंंशन सेंटर की नींव दिसंबर 2015 में पड़ी थी.

दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की नदेसर पैलेस में हुई मुलाकात के बाद जापान के पीएम उनकी शानदार आवभगत शाही भोज और बनारसी कलाकृतियों के तोहफों से गदगद हुए तो उन्होंने ही इसको बनवाने का प्रस्ताव सामने रखा. इसके बाद कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन आदि पर जापान की मुहर लगी और जुलाई 2018 में शिलान्यास हुआ.इसके निर्माण के लिए जापान ने 186 करोड़ रुपये अनुदान में दिए हैं.

वहीं यह सेंटर जापानी कंपनी फुजिता की ओर से बनाया जा रहा है. इसके बनने की तय मियाद मार्च 2020 तक थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते कार्य बंद हो गया. फिलहाल दो मंजिला भवन लगभग बनकर तैयार हो गया है और बताया जा रहा है कि यह भव्य इमारत अब 2020 साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें