Diwali 2021: नरक चतुर्दशी पर यमराज के नाम जलाएं एक दीप, जानिए सही विधि

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 3rd Nov 2021, 11:20 AM IST
  • धनतरेस के दूसरे दिन आज 3 नवंबर को नरक चतुर्दशी (Naraka Chaturdashi), रूप चौदस (Roop Chaudas), छोटी दिवाली (Choti Diwali) या यम दिवाली (Yam Diwali) होती है. आज यमराज के नाम से एक दीप जलाने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे पूर्वज प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और घर पर किसी की अकाल मृत्यु नहीं होती..
नरक चतुर्थी पर आज जलाएं यम दीप.

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है. नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली, रूप चौदस और काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है. दिवाली से एक दिन पहले नरक चतुर्थी के दिन घर की अच्छे से साफ सफाई की जाती है. खास कर घर का दक्षिण हिस्सा साफ होना चाहिए. क्योंकि यह यम का कोना माना जाता है. नरक चतुर्थी के साथ यमराज की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि अगर आप आपकी श्रद्धा और पूजा से अगर यमराज प्रसन्न हो गए तो अकाल मृत्यु का डर नहीं रहता.

नरक चतुर्दशी पर शान को दीपदान का भी विशेष महत्व होता है. इस दिन यमराज के नाम एक यम दीप जलाने की परंपरा है. आज के दिन अच्छे स्वास्थ्य और घर की सुख समृद्धि के दिन दरवाजे के बाहर यम का दीप जरूर जलाएं. लेकिन अगर आपको यम दीप जलाने की विधि के बारे नहीं मालूम तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको इस खबर में बता रहे हैं यम दीप जलाने की सही विधि के बारे में.

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कैसे जलाएं यम दीप- घर के मुख्य द्वार पर यम का दीप जलाया जाता है. यम का दीपक जलाने के बाद घर का कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं निकलता. इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि जब घर के सारे लोग बाहर का काम कर लें तभी यम दीप जलाएं. घर की महिला रात के समय दीये में सरसों का तेल डालकर चार बत्तियों वाला दीप जलाती है और घऱ के बाहर दक्षिण दिशा में रख देती है. इस दीये को रखने के बाद दोबरा पीछे मुड़कर उसे नहीं देखना चाहिए.

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