रेलवे में सफर के साथ साथ उठाइये आकर्षित आर्ट गैलरी का आनंद

Smart News Team, Last updated: Tue, 3rd Nov 2020, 1:59 PM IST
  • ट्रेन संख्या 02237/38 के फर्स्ट एसी कोच में बनाई गई आर्ट गैलरी काशी के घाट, प्राचीन स्थल और मंदिर के चित्रों से सुसज्जित की गई है.
ट्रेन संख्या 02237/38 के फर्स्ट एसी कोच में बनाई गई आर्ट गैलरी

वाराणसी. कोरोना महामारी के समय पटरी से उत्तरी भारतीय रेलवे को अब विभिन्न प्रयासों के जरिये पटरी पर लाने की तैयारी चल रही है. इसके लिए पर्यटकों को रेलवे में बेहतर सेवा के लिए जहाँ लुभावने पैकेज व टूरिज्म का इंतजाम किया जा रहा है . वहीं अलग तरीके से सोचते हुए उनके सफर के दौरान कोच में नीट एंड क्‍लीन के साथ ही आकर्षक साज सज्‍जा भी की जा रही है. इस दौरान कई एसी कोचों में सजावट के द्वारा उनको आकर्षक बनाकर पर्यटकों काे रिझाया जा रहा है. इसी तर्ज पर बेगमपुरा जेट स्पेशल फेस्टिवल ट्रेन के एसी कोच में वाराणसी की शानदार संस्कृति को समाहित किये हुए बनी आर्ट गैलरी को देखकर पर्यटकों के सफर का मजा ही दुगना हो गया.

उत्तर रेलवे के वाराणसी जंक्शन से चलकर जम्मू तवी तक जाने वाली ट्रेन संख्या 02237/38 के फर्स्ट एसी कोच में बनाई गई आर्ट गैलरी काशी के घाट, प्राचीन स्थल और मंदिर के चित्रों से सुसज्जित की गई है. लंबे समय बाद यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह नया अनुभव है. इस बारे में यात्रियों ने ट्रेन के सफर के दौरान अपने अनुभव साझा किए हैं. यात्री संजय ने कहा कि उन्हें लंबे समय बाद ट्रेन के सफर का यह सुखद अनुभव है. यात्रियों की सुविधाओं को नजर में रखकर ऐसे ही प्रयासों से रेलवे की आय में भी इजाफा होगा.

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सफर के दौरान तमाम यात्रियों के बच्चे भी आकर्षक गैलरी को देखकर मंत्रमुग्ध रहे. वेलकम करने के अंदाज में बना महाराजा का कार्टून भी बच्चों को रिझा रहा है. रेलवे के अधिकारियों के अनुसार एसी फर्स्ट क्लास के पूरे कोच की सजावट में लगभग पांच से छह लाख का खर्चा आया है. अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल के बाद रेलवे की स्थिति सुधारने के लिए इसी तर्ज पर अन्य ट्रेनों को भी लुभावना और आकर्षक बनाया जाएगा.

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