वाराणसी:फैशन डिजाइनर तन्मया द्विवेदी ने काशी में उतारे ब्राइडल ड्रेस

Smart News Team, Last updated: 14/12/2020 06:03 PM IST
  • जानी-मानी फैशन डिजाइनर तन्मया द्विवेदी ने वाराणसी में पर्शियन और स्वदेशी लोक कला पर डिजाइन किए हुए ब्राइडल फैब्रिक कपड़ों को लांच किया है. इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं को अपने ब्रांड से जोड़कर उनको रोजगार दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी.
पर्शियन और स्वदेशी लोक कला पर डिजाइन किए हुए ब्राइडल ड्रेस तन्मया द्विवेदी ने काशी में उतारे

वाराणसी. बता दें कि फैशन डिजाइनर तन्मया द्विवेदी मूल रूप से बनारस की ही रहने वाली हैं. प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट कक्षा तक की बनारस में पढ़ाई करने के बाद तन्मया द्विवेदी दिल्ली यूनिवर्सिटी से ओनर ऑफ हिस्ट्री में स्नातक कर रही थी लेकिन वहां उनका पढ़ाई में मन ना लगा, पिता तन्मया को आईएएस अफसर बनाना चाहते थे लेकिन तन्मया दिल्ली छोड़कर मुंबई चली आई. यहां नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन डिजाइनिंग के डॉक्टर बृजेश देओर से उनकी मुलाकात हुई. इसी इंस्टिट्यूट में तन्मया ने फैशन डिजाइनिंग मैं एडमिशन ले लिया. यहीं से उनकी फैशन डिजाइनिंग के कैरियर शुरू हुआ. शुरुआत में उनके डिजाइन किए हुए कपड़े फिल्म निर्माता-निर्देशक ने पसंद किए. साल 2015 के मिस इंडिया चैंपियनशिप में तन्मया द्विवेदी मुख्य चयनकर्ता को रूप में सम्मान प्राप्त हुआ.

तन्मया द्विवेदी बताती है कि इन दिनों शादी समारोह के दौर में वेडिंग डिजाइनर कपड़ों की बहुत मांग है. बनारस की साड़ियां और वस्त्रों का तो पूरे देश में डंका बज रहा है लेकिन हमारा उद्देश्य यहां के स्थानीय महिलाओं को अपने ब्रांड से जोड़कर उन को रोजगार उपलब्ध कराना है. कहा कि बुनकरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य के साथ हम अपने ब्रांड की लांचिंग काशी में कर रहे हैं. कहा कि मैं भी बनारस की हूं और जब मेरे कपड़ों को बनारस में पहचान नहीं मिलेगी तो बाहर के लोग इसे कैसे जानेंगे.

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ब्राइडल फेवरेट डिजाइन के बारे में जानकारी देते हुए फैशन डिजाइनर तन्मया द्विवेदी ने बताया कि हमारा यह ब्रांड प्राचीन भारतीय कला और संस्कृति को दर्शाता है. इससे बनारस और बनारस के लोगों को काम करने का अवसर मिलेगा. बताया कि इस ब्रांड में पर्शियन और स्वदेशी कला का मिश्रण भी है. इनको डिजाइन करते हुए पर्यावरण का भी विशेष ख्याल रखा गया है. डिजाइन के समय इसके लिए फोर आर का प्रयोग किया गया है जिसमें री यूज, रीसायकल और रिकवरी को प्राथमिकता दी गई है.

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