जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग के बहुरेंगे दिन

Smart News Team, Last updated: 13/12/2020 02:17 PM IST
  • कुछ ही समय पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने मन की बात में बनारस सहित देश के कई हिस्सों में बनने वाले खिलौनों का जिक्र किया था. उसी का परिणाम अब जमीन पर भी दिखाई पड़ रहा है.
फाइल फोटो

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात में वाराणसी के हस्तशिल्प खिलौनों का ज़िक्र क्या किया कि खिलौना उद्योग के दिन ही बहुरने लगे. सरकार ने बनारस सहित देश के जी आई टैग प्राप्त खिलौनों को क्वालिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड मार्क से छूट दे दी है. अब कारीगरों को बीआईएस से स्टैंडर्ड मार्क लेने की जरूरत नही होगी. कारोबार में इतनी सहूलियत मिलने के बाद जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग के अंतर्गत हस्त शिल्पियों के कारोबार में चार चांद लग जाएंगे और दिक्कतों के चलते इससे रुख मोड़ चुके हस्तशिल्पी दोबारा इस क्षेत्र से जुड़ सकेंगे. सरकार ने इसके लिए बाकायदा गजट जारी कर दिया है जो एक जनवरी से प्रभावी हो जाएगा.

जीआई ट्रेड मार्क खिलौना उद्योग में पहले कई दिक्कतें सामने आती थीं. इस दौरान कई स्टैंडर्ड मार्क से क्वालिटी कंट्रोल सर्टिफिकेशन करना होता था. इस वजह से इस उद्योग पर अच्छा खासा असर पड़ रहा था और यह मंद गति से चल रहा था कुछ ही समय पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने मन की बात में बनारस सहित देश के कई हिस्सों में बनने वाले खिलौनों का जिक्र किया था. उसी का परिणाम अब जमीन पर भी दिखाई पड़ रहा है.इसका असर यह रहा कि अब डीपीआईआईटी, वाणिज्य मंत्रालय के पहल पर शनिवार 12 दिसंबर को गैजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जो जनवरी 2021 से लागू हो जाएगा. 

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इससे सामान्य शिल्पी भी जो हस्त शिल्प विभाग से जुड़ा होगा, आर्टिजन कार्ड धारक होगा उसको यह छूट प्राप्त रहेगी. इससे काशी, गोरखपुर, चुनार सहित देश के 19 जीआई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग से जुड़े लाखो शिल्पियों को सीधा फायदा होगा. उम्मीद जताई जा रही है कि कोरौत की लकड़ी से बनारस में बनने वाले खिलौनों के भी दिन अब बहुरेंगे.

जीआई के विशेषज्ञ व पद्म श्री सम्मानित डॉ. रजनी कांत ने भारत सरकार के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सहूलियत जी आई टैग प्राप्त खिलौना उद्योग को संजीवनी प्रदान करेगी. इससे आत्म निर्भर भारत अभियान में बिना किसी तकनीकी परेशानी के अब सामान्य खिलौना शिल्पी भी अपने उत्पाद को लोकल से ग्लोबल कर पायेगा.

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