मेरिट ज़्यादा पर एक गलती की वजह से तमाम छात्र प्रवेश से रहे वंचित

Smart News Team, Last updated: Mon, 7th Dec 2020, 6:37 PM IST
  • अंतिम खंड का परिणाम जारी होने से पहले ही इन छात्रों ने प्रवेश का आवेदन कर दिया था.इस तरह छात्रों ने अंतिम खंड का विवरण ही नहीं भरा और मेरिट ज्यादा होने के बावजूद काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया.
फाइल फोटो

वाराणसी. काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री व आचार्य के पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु एक गलती के कारण कई अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित रह गए हैं. अंतिम खंड का परिणाम जारी होने से पहले ही इन छात्रों ने प्रवेश का आवेदन कर दिया था.इस तरह छात्रों ने अंतिम खंड का विवरण ही नहीं भरा और मेरिट ज्यादा होने के बावजूद काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया और अभ्यर्थियों के आक्रोश व विरोध के चलते काउंसलिंग काफी समय तक बाधित रही. शिकायत के बाद कुलपति के विचार करने के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी शांत हुए और साहित्य व्याकरण में दोपहर बाद काउंसलिंग प्रक्रिया दोबारा चालू की जा सकी.

संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में आचार्य व शास्त्री हेतु साहित्य व व्याकरण विभाग में दाखिले के लिए अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी है.प्रवेश हेतु दोनों विभागों में सीट के सापेक्ष तीन गुने अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है. आवेदन करने वाले छात्रों ने बताया कि परीक्षाफल के अभाव में आनलाइन आवेदन में सिर्फ उत्तर मध्यमा व शास्त्री का अनुक्रमांक भरने का विकल्प दिया गया है. बाद में जब मेरिट सूची जारी की गई तो अंतिम खंड का विवरण न भरने वाले अभ्यर्थियों के सामने शून्य अंक दिखाया गया. वहीं बाद में आवेदन करने वाले छात्रों ने अंकपत्र अपलोड कर दिया था. इस वजह से उनकी मेरिट कम होने बावजूद वह दाखिला पाने में सफल हो गए.

सपा की किसान पदयात्रा होने से पहले वाराणसी में आधा दर्जन SP नेता नजरबंद

इस बारे में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राम पूजन पांडे ने बताया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अंकपत्र अपलोड करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया था पर कई अभ्यर्थियों ने अंकपत्र अपलोड नहीं किए. इन सब के बाद छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल ने जगदंबा मिश्र के नेतृत्व में कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल से मुलाकात की।कुलपति ने छात्रों को इस मामले में छात्र कल्याण संकाय को प्रार्थना पत्र देने और नौ दिसंबर के बाद मामले में विचार करने को कहा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें