काशी से दिल्ली तक बनेगा हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मिली स्वीकृति

Smart News Team, Last updated: 09/12/2020 03:02 PM IST
  • काशी को पर्यटन हब बनाए जाने को लेकर एक कदम और आगे बढ़ा दिया गया है. इस क्रम में रेलवे ने हाई स्पीड कॉरीडोर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है. यह कॉरीडोर परियोजना काशी से नई दिल्ली के बीच होगी. खास बात यह है कि इस परियोजना में अयोध्या और मथुरा के साथ प्रयागराज को भी जोड़े जाने की तैयारी चल रही है. 
रेलवे ने हाई स्पीड कॉरीडोर प्रोजेक्ट को दी मंजूरी

वाराणसी. नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल की माने तो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए जल्द सर्वे कार्य शुरू करा दिया जाएगा. एनएचएसआरसीएल ने इस परियोजना के लिए किए जाने वाले ग्राउंड सर्वे में हेलीकॉप्टर के जरिए लेजर युक्त उपकरण के साथ लाइट डिटेक्शन एंड रेंजेस यानी लिडार तकनीक का इस्तेमाल किए जाने के संकेत दिए हैं. इस तकनीक के माध्यम से सर्वे के दौरान सड़कों, भूतल, परिवहन, नहरों, नदियों, नालों, पुलियों, नगर नियोजनो, भूस्खलनो के साथ ही सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित आंकड़े जुटाए जाएंगे.

बता दें कि देश में पहली बार लिडार तकनीक का उपयोग रेलवे ने मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए किया था. इस तकनीक से रेलवे को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी सहूलियत मिली थी. प्रस्तावित दिल्ली वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना की लंबाई तकरीबन 800 किलोमीटर की है. जिसके अंतर्गत मिश्रित इलाके जिनमें घनी आबादी वाले शहरी और ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं. इसके अलावा हाईवे सड़क घाट नदियों के साथी ग्रीन फील्ड भी दायरे में आती है.

आसमान साफ पर कोहरे की धुन्ध बढ़ी,आगे के दिनों में मौसम लेगा करवट

यह कॉरीडोर परियोजना में अयोध्या प्रयागराज मथुरा लखनऊ इटावा आगरा रायबरेली जैसे बड़े शहरों को जोड़े जाने का विचार किया जा रहा है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की माने तो इस परियोजना के तहत जमीनी सर्वेक्षण कार्य शुरू करा दिया गया है जबकि लिडार तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हवाई सर्वेक्षण आगामी 13 दिसंबर से शुरू किया जाएगा.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें