हर संकट से चाहते हैं छुटकारा तो गणेश चतुर्थी के इस दस दिन रोजाना करें गणपति स्त्रोत का पाठ

Anuradha Raj, Last updated: Sat, 11th Sep 2021, 6:04 PM IST
  • 10 सितंबर से घर-घर में गणपति बप्पा का आगमन हुआ है. ऐसी मान्यता है कि गणेशोत्सव के इन दस दिनों में जो भी श्रद्धापूर्वक बप्पा की आराधना करेगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी.
गणेश चतुर्थी 2021

गणेश भगवान को सबसे प्रथम पूजनीय देव माना जाता है. कोई भी शुभ कार्य करने से पहले भगवान श्रीगणेश की ही पूजा की जाती है. अब 10 सितंबर से गणेश चतुर्थी का आगाज हो चुका है, और ये उत्सव 19 सितंबर यानी 10 दिनों तक चलने वाला है. गणपति बप्पा की प्रतिमा चतुर्थी के दिन घर-घर में लाई गई है, और उनकी स्थापना की गई है. लोग अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा को 5,7 और 9 दिन तक बैठाते हैं, और उशके बाद विसर्जन कर देते हैं. इस दौरान सच्चे दिल से भगवान गणेश की आराधना करते हैं तो वो सारे संकट हरकर अपने साथ ले जाएंगे. ऐसे में अगर आप भी अपने घर भगवान गणेश को लेकर आए हैं, तो हर दिन गणेश स्त्रोत का पाठ करना चाहिए.

ये है गणेश स्त्रोत

प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम्,

भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये

प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम्,

तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम्.

लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च,

सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम्.

नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम्,

एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन्.

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः,

न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो.

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्,

पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मो क्षार्थी लभते गतिम्.

जपेद्णपतिस्तोत्रं षडिभर्मासैः फलं लभते,

संवत्सरेण सिद्धिंच लभते नात्र संशयः.

अष्टभ्यो ब्राह्मणे भ्यश्र्च लिखित्वा फलं लभते,

तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः.

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