जन्माष्टमी के दिन इन कामों को करने से आप पर सदैव बनी रहेगी भगवान श्री कृष्ण की कृपा

Anuradha Raj, Last updated: Mon, 30th Aug 2021, 10:34 AM IST
  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी इस बार 30 अगस्त यानी सोमवार को मनाया जाएगा. अब जन्माष्टमी में सिर्फ दो दिन ही बचे हैं, ऐसे में बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिल रही है. लेकिन जन्माष्टमी के दिन कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. 
30 अगस्त को है जन्माष्टमी

भारत भर में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है. इतना ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कई जगह पर इस पर्व की काफी धूम देखने को मिलती है. पूरे दिन जन्माष्टमी पर लोग व्रत रखते हैं. इस साल जन्माष्टमी का त्योहार 30 अगस्त को सेलिब्रेट किया जाएगा. इस दिन जो लोग विधि विधान से श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं उसे विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे में आप चाहते हैं कि कान्हा की कृपा आप पर बरसे तो इन बातों का खास ख्याल रखें…

नारे वाले खीरे से जन्माष्टमी के दिन रात के 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप का जन्म करवाना ना भूलें. इस तरह के खीरे को देवकी मां के गर्भ स्वरूप माना जाता है.

 

जब श्री कृष्ण का जन्म हो जाए उसके बाद दूध को शंख में डालकर भगवान का अभिषेक करें.

 

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जब अभिषेक करवा लें उसके बाद बाल गोपाल को नए वस्त्र पहनाएं और झूले में बिठाकर झूलाएं.

 

जन्माष्टमी के दिन किसी धार्मिक स्थान पर जरूर जाना चाहिए , और वहां जाकर फल, अनाज आदि चीजें दान कर दें.

 

बांसुरी और मोरपंख घर में कान्हा के लिए जरूर लाएं, जब पूजा करें उस दौरान इन चीजों को बाल गोपाल को अर्पित कर दें.

 

मिश्री माखन का भोग जन्माष्टमी के दिन कान्हा को जरूर लगाएं, इसमें तुलसी दल का प्रयोग करना ना भूलें.

 

घर में जन्माष्टमी के दिन गाय-बछड़े की प्रतिमा को लेकर आएं और पूजा के स्थान पर रख दें. 

 

भगवान श्री कृष्ण को जन्माष्टमी के दिन पीले रंग का वस्त्र पहनाएं, और पीला चंदन ही लगाएं.

 

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