आ गई काशी के अन्नपूर्णा मंदिर के खुलने की बेला, साल में सिर्फ 4 दिन खुलता है कपाट

Naveen Kumar Mishra, Last updated: Tue, 26th Oct 2021, 4:22 PM IST
काशी के अन्नपूर्णा मंदिर का कपाट खुलने का समय आ गया है. साल में केवल चार दिन धनतेरस से अन्नकूट तक ही भक्त बनारस के अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन कर सकते हैं. दर्शन को आए भक्तों को माता के प्रसाद के रूप में चावल, सिक्का और धान का लावा दिया जाता है.
काशी का अन्नपूर्णा मंदिर साल में केवल चार दिन खुलता है, फाइल फोटो

वाराणसी। गंगा नगरी काशी अपनी पुरानी शैली और मंदिरों के लिए जानी जाती है. काशी का अन्नपूर्णा मंदिर साल में केवल चार दिन खुलता है. धनतेरस से अन्नकूट तक ही भक्त काशी के अन्नपूर्णा मंदिर का दीदार कर सकते हैं. धनतेरस के दिन देश- विदेश से लोग माता अन्नपूर्णा की दर्शन करने के लिए आते हैं. दर्शन के लिए आए भक्तों को माता के प्रसाद के रूप में चावल, सिक्का और धान का लावा दिया जाता है. 

 

तीनों लोकों की माता हैं अन्नपूर्णा देवी

माता अन्नपूर्णा देवी को तीनों लोकों की माता माना जाता है. इस मंदिर की वास्तु अपने आप में बहुत ही खास है. धनतेरस के दिन माता अन्नपूर्णा देवी की विशेष पूजा की जाती है. इस अवसर पर भक्त माता के स्वर्ण प्रतिमा का दीदार करते हैं. दर्शन के लिए आए भक्तों को माता के प्रसाद के रूप में चावल, सिक्का और धान का लावा दिया जाता है. कहने वाले कहते हैं कि माता के प्रसाद के रूप में प्राप्त चावल, सिक्का और धान के लावे को लोग घर के लॉकर में रखते हैं. इससे माता की कृपा भक्तों पर बरसती रहती और धन- दौलत की कमी दूर होती है.

3 नवंबर को मनाई जाएगी नरक चतुर्दशी, इस पूजा विधि से देवी-देवता होंगे खुश

काफी पुरानी है मुर्तियाँ

अन्नपूर्णा मंदिर साल में केवल चार दिन खुलता है. मंदिर की कपाट धनतेरस को खुला जाता है और दीवाली के दूसरे दिन अन्नकूट यानी भैया दूज के दिन बंद कर दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर के प्रांगण में 500 साल पुरानी मुर्तियां विराजमान हैं. ये मुर्तियां माता अन्नपूर्णा की स्वर्ण मुर्तियों के साथ विराजमान रहती हैं. माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा के सामने भगवान शिव खप्पर लिए अन्नदान की मुद्रा में हैं. प्रतिमा के दांयी तरफ लक्ष्मी माता और बायीं तरफ भूदेवी के सोने की मुर्ति स्थापित है.

Ahoyi Ashtami 2021: अहोई अष्टमी का यूपी के लखनऊ कानपुर प्रयागराज गोरखपुर मेरठ आगरा वाराणसी में कथा मुहूर्त

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें