कृष्ण जन्माष्टमी पर सज कर तैयार हुआ मेरठ, श्रद्धालुओं को आज दर्शन देंगे कृष्णलला

Smart News Team, Last updated: 11/08/2020 10:24 PM IST
  • मेरठ शहर की सभी गलियों के घरों में सज रही झांकियां शहरवासियों ने अपने घरों को फूलों वाला लाईटों से सजाया सिर्फ मंदिरों और मठों में ही सादगी के साथ मनाई जा रही जन्माष्टमी सड़कों और चौराहों पर लगने वाले पंडालों में इस बार नहीं दिख रही झांकियां
प्रतीकात्मक तस्वीर

मेरठ। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर मेरठ नगरी सज कर तैयार हो चुकी है. फूल की खुशबुओं से पूरा शहर महक उठा है. वही सभी घरों में लाइट और फूलों द्वारा झांकियां सजाई गई है. इससे मेरठ शहर की हर गलियां झिलमिल रोशनी में नहाई हुई नजर आ रही हैं. पूरे शहर में दिवाली जैसा दृश्य नजर आ रहा है.

रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण का जन्म होगा जिसके लिए इस बार श्रद्धालुओं ने अपने घरों में ही कृष्ण जन्मोत्सव की तैयारियां कर ली हैं. लोगों ने घरों में ही झांकियां सजाई हैं.

घर में भी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं. मेरठ के कुछ मंदिरों को भी लाइट और फूलों से सजाया गया है. इस बार भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़ी ही सादगी व सुरक्षा के साथ मनाया जाएगा. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर दूर से ही दर्शन कर सकेंगे.

सड़कों व चौराहों पर लगने वाले पंडाल इस बार पूरी तरह नदारद है. पंडालों में इस बार झाकियां नहीं सजाई गई है.

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जन्माष्टमी के पर्व पर मंदिरों में दूर से ही भक्तों कान्हा के जन्मोत्सव अनुष्ठान के साक्षी बनेंगे.

शहर के मंदिर कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर सोमवार को ही सजधज कर जगमगाते नजर आए। औघडऩाथ मंदिर में फूलबंगला सजाया गया है.पिछले वर्षों की तरह सीनरी वाली लाइटों की सजावट दर्शन एकेडमी तक नहीं है लेकिन मंदिर के आसपास लाइटों के तोरण द्वार लगाए गए हैं.

मंदिर समिति के महामंत्री सतीश ने बताया कि राधा और कृष्ण की विशेष पोशाक वृंदावन से मंगवाई गई है। रात 11.40 बजे भगवान का अभिषेक होगा।

गृहस्थ आज मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

मंगलवार को अधिकांश लोग जन्माष्टमी का पूजन करेंगे. ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि गृहस्थ आज जन्माष्टमी मनाए. अष्टमी 11 अगस्त को सुबह नौ बजकर 6 मिनट से आरंभ होगी और पूरी रात रहेगी.

हालांकि सन्यासी 12 अगस्त को व्रत रखेंगे. सोमवार को पूजा की दुकानों पर भगवान की पोशक खरीदने वालों की चहल पहल रही. व्रत का सामान भी लोगों ने खरीदा. सदर स्थित धानेश्वर मंदिर में भी फूल बंगला सजाने का कार्य जोरों पर रहा.

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