निखिलं नवत, चरमं दशत: वैदिक सूत्र गुणनखंड करने की श्रेष्ठ विधि

Smart News Team, Last updated: 21/11/2020 09:27 PM IST
  • अब केवल अंक गणित के माध्यम से ही नहीं बल्कि वैदकीय गणित से भी आसानी से गुणनखंड किया जाना संभव है. इसके लिए निखिलं नवत: चरमं दशत: वैदिक सूत्र का प्रयोग कर बड़ी से बड़ी संख्या का अल्प समय में गुणा किया जा सकता है.
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मैं वैदिक विज्ञान केंद्र के तत्वाधान में संचालित सात दिवसीय सेमिनार

वाराणसी . यह बात काशी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मैं वैदिक विज्ञान केंद्र के तत्वाधान में संचालित सात दिवसीय सेमिनार के दौरान वैदिक गणित शिक्षा संस्कृति के राष्ट्रीय संरक्षक प्रोफेसर कैलाश विश्वकर्मा ने कहीं. सेमिनार में मौजूद शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को वैदिक विज्ञान की जानकारी देते हुए राष्ट्रीय संरक्षक प्रोफेसर कैलाश विश्वकर्मा ने बताया कि संख्याओं का गुणा करने के लिए निखिलं नवत: चरमं दशत: वैदिक सूत्र की उपयोगिता सिद्ध हो चुकी है.

उन्होंने कहा कि इस सूत्र से बड़े से बड़ा गुनाह भी बेहद कम समय में किया जा सकता है. इस सूत्र की जानकारी देते हुए प्रोफेसर विश्वकर्मा ने बताया कि इसके अंतर्गत इकाई को 10से और बाकी अंको को 9 से घटाया जाता है. बाद इसके आधार व उप आधार संख्या के निकटतम अनुपात 2 के अनुसार गुणा किया जाता.

स्टाम्प रेट वृद्धि से राजस्व में आई कमी, राज्यमंत्री ने दिए वसूली के आदेश

सेमिनार में मौजूद विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रोफेसर ओपन त्रिपाठी ने कहा कि वैदिक विज्ञान का मूल आधार ही गलत है. कल्प वेदांग के शुल्व सूत्र में रेखा गणित व बीजगणित संहिता ग्रंथों में अंक गणित का उल्लेख है. सेमिनार में विश्वविद्यालय के वैदिक विज्ञान केंद्र के प्रवक्ताओं सहित संचालक निशांत मिश्रा के अलावा तकरीबन 1700 से अधिक विद्वानों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें