वाराणसी : अब गंगा को साफ करेगी आईआईटी बीएचयू की केमिकल तकनीक

Smart News Team, Last updated: 06/02/2021 11:57 AM IST
  • अब गंगा में अपशिष्ट पदार्थों और भारी धातु वाहनों जैसे विचारों को खत्म किया जा सकेगा. आईआईटी बीएचयू ने देसी तकनीक पर एक ऐसे रासायनिक पाउडर को इजाद किया है जो गंगा समेत बेहद अम्लीय नदियों के पानी को निर्भर बनाने में कारगर साबित होगा.
काशी, गंगा नदी (फाइल तस्वीर)

वाराणसी : आईआईटी बीएचयू के इको फ्रेंडली एडजार्वेंट संस्थान के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ विशाल मिश्रा और उनके मार्गदर्शन में पीएचडी शोध के छात्र वीर सिंह और ज्योति सिंह ने इस रासायनिक पाउडर को इजाद किया है. यह पाउडर को धान की भूसी व आयरन से तैयार किया गया है. दावा किया गया है कि इस पाउडर से गंगा में अपशिष्ट पदार्थों और भारी धातु व आय नो जैसे विचारों को सरलता से खत्म किया जा सकेगा. पता देखी गंगा सहित देश की तमाम अम्लीय नदियों में हेक्सावेलेंट क्रोमियम पाए जाते हैं, जो कैंसर किडनी व लीवर फेलियर जैसे जानलेवा रोगों को जन्म देते हैं.

इस पाउडर के उपयोग से जल में मौजूद हानिकारक हेक्सावेलेंट क्रोमियम को क्रोमियम 3 में परिवर्तित किया जा सकता है. इससे उसकी विषाक्तता खत्म हो जाती है. आईआईटी बीएचयू के इस शोध टीम की रिपोर्ट शोध प्रख्यात जनरल आफ एनवायरमेंटल केमिकल इंजीनियरिंग में प्रकाशित हो चुका है. इको फ्रेंडली एडजार्वेंट संस्थान के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉक्टर विशाल मिश्रा बताते हैं कि यह 1 लीटर पानी में केवल 1 ग्राम पाउडर डालने से क्रोमियम तत्काल अवशोषित हो जाता है. उन्होंने बताया कि उन्नाव से कानपुर जोन में क्रोमियम बहुत ज्यादा निकलता है. इस पर सरकार यदि चाहे तो इस पाउडर के माध्यम से आसानी से गंगा के इस खतरनाक रासायनिक प्रदूषण को रोक सकती है. 

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उन्होंने बताया कि इस शोध का एक सामाजिक पहलू यह भी है कि धान की भूसी हर जगह आसानी से उपलब्ध हो जाती है. आयरन धातु पर धान के भूसे की कोटिंग कर देते हैं. जिस पर भूसी चिपक जाता है. इसके बाद पानी में प्राप्त क्रोमियम सिक्स से क्रिया करके उनके इलेक्ट्रान को बदल देता है. जिससे नुकसान दायक तक खत्म हो जाते हैं. क्रोमियम सिक्स की तुलना में क्रोमियम 3 100 गुना कम विषाक्त होता है और यह पानी में कम घुलनशील होता है. जिसके कारण इसको आसानी से अवशोषित किया जा सकता है.उन्होंने बताया कि सबसे खास बात यह है कि यह पाउडर पीएच 2 मान वाले जल में भी काम करता है. यानी कि पानी चाहे जितना भी अमली हो यह तकनीक उसे निर्मल बना देगी.

 

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