तबले की बनारस बाज शैली को बुलंदियों तक पहुंचाने के सूत्रधार रहे पं. बिरजू महाराज

Smart News Team, Last updated: Fri, 5th Feb 2021, 6:10 PM IST
  • मशहूर कथक नटसम्राट पंडित बिरजू महाराज को तबले की बनारस बाद शैली बुलंदियों तक पहुंचाने का सूत्रधार माना जाता है. स्वयं में वह नामचीन नर्तन सम्राट होने के कारण कभी भी उनकी हस्ती को बनारस घराने से जुदा नहीं समझा गया.
पंडित बिरजू महाराज (फाइल तस्वीर)

वाराणसी : पंडित बिरजू महाराज की जन्म एनिवर्सरी का, इस मौके पर उनके चाहने वालों ने उन्हें याद किया. पंडित बिरजू महाराज के जमाई पंडित साजन मिश्र बताते हैं कि महाराज जी बनारस के किसी भी मंच पर उपस्थित हो तो हर हर महादेव के उद्घोष से दिशाएं गूंज जाती है. वह जहां खड़े हो जाते हैं वहां स्वयं नटराज कृपा बरसाते हैं. 

हर पद संचलन और भाव मुद्रा में उनमें नटराज की छवि उतर आती है. बताते हैं कि पिछले साल वह संकट मोचन संगीत समारोह में आए थे तो उम्र की थकान के बावजूद चेहरे के विविध भावों और हाथों की अनूठी मुद्राओं की जीवंत प्रस्तुतियों से अपने प्रशंसकों को रिझा कर मंच पर छाए रहे. पंडित बिरजू महाराज की बड़ी पुत्री एवं उनकी शिष्या कविता मिश्र बताते हैं कि गुरुकुल में अन्य शिष्य हो या हम लोग. 

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रियाज में वह किसी तरह को रियायत नहीं दिया करते थे. बताते हैं कि नर्तन में कृष्ण की भाव भंगिमा हो या राधा रानी की कटाक्ष मुद्रा में क्या अंतर है यह साधने में कई दिन गुजर जाते थे. उनका पखावज, वीणा या हारमोनियम वादन पर आज भी उनका गजब का अधिकार है.

 

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