सेवा विस्तार कर ग्राहकों के लिए हाईटेक बन रहा डाक विभाग

Smart News Team, Last updated: 19/11/2020 09:33 PM IST
  • कोरोना काल से स्वयंसेवक की भूमिका अख्तियार कर चुका डाक विभाग नित्य नई सुविधा से ग्राहकों को अपनी ओर खींच रहा है. दवाइयों से लेकर तीर्थ यात्रा के प्रसाद के अलावा शासकीय योजनाओं के लाभ के साथ ही ग्राहकों की चौखट तक उनका पैसा पहुंचा कर डाक विभाग हाईटेक की श्रेणी में खड़ा हो गया है.
डाक विभाग लगातार कर रहा है आम जनता की मदद

वाराणसी . बताते चलें कि कोरोना काल में डाक विभाग के कर्मियों ने अपनी जान हथेली पर लेकर स्वयंसेवक की भूमिका निभाई थी. इस क्रम में आम आदमी से लेकर अस्पतालों तक पीपीटी किड्स मास्क वेंटीलेटर कोविड-19 किड्स एवं दवाएं उन तक पहुंचाई थी. यही नहीं कोरोना काल में पाई पाई पैसे को मोहताज अपने ग्राहकों के घर की चौखट तक डाक विभाग ने पैसा पहुंचाने का काम किया था. अब बदलते समय के साथ डाक विभाग पत्रों के साथ साथ बचत बैंक डाक जीवन बीमा सुकन्या समृद्धि खाता इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र आधार नामांकन के कार तो डाकघर में होते ही हैं. वही अब डाक विभाग के डाकिए भी स्मार्टफोन के साथ ही बैग में डिजिटल डिवाइस भी रखते हैं. पार्सल वाक्य ऑन डिलीवरी के माध्यम से डाक विभाग अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी हाईटेक हो गया है.

पोस्ट मास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा समय में डाकघर से राज्य सरकारों की 73 सेवाएं मिलनी शुरू होंगी.उन्होंने बताया कि अब पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कोषागार या बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि घर बैठे डाकिया के माध्यम से बायोमेट्रिक डिवाइस द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी कराने की सुविधा डाकघर ने शुरू कर दी है. 

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इसके लिए पेंशनरों के लिए 70 का शुल्क निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि साल 2018 में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के शुभारंभ के बाद आर्थिक और सामाजिक समावेश के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के पोस्टमैन चलते फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रही है. इसके अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 1 लाख 8 हजार आइपीबीपी खाते खोले जा चुके हैं. यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों के डाकिए 162000 लोगों को घर बैठे लगभग 55 करोड़ का भुगतान कर चुके हैं. 480 पेंशनरों को घर बैठे जीवित वाद पत्र भी डाक विभाग उपलब्ध करा चुका है. पोस्ट मास्टर जनरल ने बताया कि धीरे धीरे डाक विभाग को ग्राहकों की सुविधा के अनुकूल करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी.

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