ऑनलाइन काउंसलिंग हो तभी भर सकेगी संपूर्णानंद विश्वविद्यालय की सीटें

Smart News Team, Last updated: 04/12/2020 02:52 PM IST
  • आधुनिक युग में एक तो पहले से ही युवा छात्रों की संस्कृत और आध्यात्मिक शिक्षा के प्रति रुझान कम उस पर जानलेवा कोरोना वायरस के चलते काशी के संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में छात्रों कीआधी से अधिक सीटें खाली है. ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया अपनाना ही विश्वविद्यालय के पास एकमात्र विकल्प शेष रह गया है.
फाइल फोटो

वाराणसी . बता दें कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को शास्त्री व आचार्य के पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए छात्र ढूंढे नहीं मिल रहे हैं. विश्वविद्यालय के शास्त्री व आचार्य के 22 सन कार्यों में 2640 सीटें निर्धारित हैं. जिनमें अब तक 486 शास्त्री के तथा 436 आचार्य की शिक्षा के लिए छात्रों के प्रवेश हुए हैं. जबकि विश्वविद्यालय की ओर से पिछले मां 18 से 20 नवंबर तक उक्त संस्थाओं में प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए काउंसलिंग तिथि भी घोषित की गई थी.

इसे कोरोना काल का असर ही कहेंगे विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार के बावजूद भी अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे. नतीजतन शास्त्री और आचार्य की विश्वविद्यालय में 65 फ़ीसदी से अधिक सीटें अभी भी रिक्त हैं. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सीटों को भरने के लिए गुरुवार को मेरिट सूची जारी कर वेबसाइट पर अपलोड करते हुए एक बार फिर शुक्रवार से 8 दिसंबर तक के बीच काउंसलिंग की तिथि घोषित की है. उधर दाखिले के लिए अपना आवेदन पत्र विश्वविद्यालय में जमा करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है. कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय को ऑनलाइन काउंसलिंग करानी चाहिए. ताकि जो छात्र विश्वविद्यालय कैंपस में काउंसलिंग के लिए नहीं आ सकते हैं वह ऑनलाइन काउंसलिंग करा सकें. हालांकि अभी तक ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सहमति नहीं बन पाई है.

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इस संबंध में छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर राम पूजन पांडे ने बताया कि शास्त्री व आचार्य के विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ संस्कृत प्रमाण पत्र में भी दाखिले की काउंसलिंग 8 दिसंबर तक होगी. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर सेचयनित अभ्यर्थियों के लिएशुल्क जमा करने के लिए 9 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है.

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