Shardiya Navratri 2021: शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व, ये है शुभ मुहूर्त और विधि

Pallawi Kumari, Last updated: Thu, 7th Oct 2021, 6:31 AM IST
  • नवरात्रि में घटस्थापना या कलश स्थापना का खास महत्व होता है. कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है. नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि को शुभ मुहुर्त पर विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की जाती है. आईये जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन आज कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त.
नवरात्रि में कलश स्थापना का महत्व और मुहूर्त. फोटो साभार-हिन्दुस्तान

शक्ति की उपसाना का महापर्व शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 7 अक्टूबर गुरुवार से हो गई है, जो 15 अक्टूबर चल रहेगी. नवरात्रि में नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. लेकिन नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है. यही कारण है कि नवरात्र में कलश स्थापना या घट स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है. नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपा तिथि को शुभ मिहूर्त पर घट स्थापना की जाती है. जानकारों का मानना है कि नवरात्रि के पहले दिन चित्रा वैधृति योग का निशेष होने से कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त में विशेष फलदायी है.इसलिए इस शुभ मुहूर्त पर कलश स्थपान की पूजा कर लेनी चाहिए.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त -धर्माचायों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र पर घट स्थापना जरूर करनी चाहिए. साथ ही नवरात्रि में कलश स्थापना करते समय शुभ मुहूर्त का खास ख्याल रखना चाहिए. कहा जाता है कि कलश स्थापना के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. नवरात्रि व्रत और पूजा का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है. मान्यता है कि कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है. इसलिए नवरात्रि पूजा से पहले घट स्थापना या कलश की स्थापना की जाती है. कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. पहला मुहूर्त 7 अक्टूबर सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक और दूसरा मुहूर्त 9 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 43 मिनट तक.

जानिए कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र 2021, कलश स्थापना मुहूर्त और पूजा विधि

कलश स्थापना की विधि - घटस्थापना या कलश स्थापना की पूजा करते समय उत्तर-पूर्व दिशा पर मां की चौकी लगाए. चौकी पर लाल रंग की चुनरी या कपड़ा बिछाकर देवी मां की मूर्ति को स्थापित करें. गणेश जी का ध्यान करते हुए कलश स्थापना करें. एक नारियल को लाल चुनरी में लपेट लें और कलश के मुंख पर मौली धागे से बांधे. कलश में गंगाजल या शुद्ध जल जल भरें और कलश में लौंग का जोड़ा, सुपारी, हल्दी की गांछ, दुर्वा और सिक्के डालें. कलश में आम के पांच पत्ते लगाकर उसपर नारियल रखें. कलश को मां दुर्गा के बाईं ओर स्थापित कर दें.

Navratri 2021: नवरात्रि में क्यों करते हैं कलश स्थापना, क्या है इसका महत्व, जानें

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें