मोटापे से ऐसे रहें दूर, खतरा बन सकता है कोरोना संक्रमण

Smart News Team, Last updated: Sat, 12th Dec 2020, 10:51 PM IST
  • चौथे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) के अनुसार करीब 40 फीसद भारतीय मोटापे के शिकार हैं. जिसके कारण जनसमुदाय में कोविड-19 का खतरा बढ़ा है.
फाइल फोटो

वाराणसी. कोरोना महामारी के समय सबसे अधिक संक्रमण का खतरा मोटापे को लेकर सामने आया है. विशेषज्ञ बताते हैं कि स्वास्थ्य सर्वेक्षण व कई केस के गौर करने के बाद यह बात सामने आई है कि संक्रमण का खतरा मोटापे में और बढ़ जाता है. कोविड 19 से बचाव हेतु कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है. जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर बार बार हाथ धोना इत्यादि हैं पर इसका मतलब यह नहीं कि इतना करने के बाद भी हम सुरक्षित हैं. इसके अलावा जीवन मे अनुशासन के साथ वजन पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है. संतुलित भोजन व व्यायाम के जरिये हम इस पर ध्यान रख सकते हैं.

इस बारे में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के वरिष्ठ परामर्शदाता एवं फिजिशियन डा. एके सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि तमाम तरह की गलत जानकारियां जनमानस को न केवल भ्रमित कर रही हैं, बल्कि डरा भी रही हैं. सेल्फ आइसोलेशन के चरण में कई प्रतिबंधों के चलते बेचैनी का स्तर बढ़ रहा है. बच्चे आउटडोर खेलों में शामिल होने व बसों से स्कूल जाने से वंचित हैं. वर्क फ्राम होम के लिए लोगों ने स्वयं को लैपटाप व डेस्कटाप तक सीमित कर लिया है. इसके अलावा तली-भुनी चीजों के अत्यधिक सेवन से मोटापे की समस्या सामने आ रही है. उन्होंने बताया कि चौथे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-4) के अनुसार करीब 40 फीसद भारतीय मोटापे के शिकार हैं. जिसके कारण जनसमुदाय में कोविड-19 का खतरा बढ़ा है.

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चिकित्सकों द्वारा जांचे गए प्रत्येक 10 कोविड-19 पाजिटिव में पांच से छह रोगी मोटापे से ग्रसित हैं. इनमें ज्यादातर युवा हैं. इसलिए हमें कोविड-19 के साथ मोटापे के इस संबंध को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जागरूकता की ज़रूरत है और संतुलित भोजन एवं व्यायाम से मोटापे को नियंत्रित किया जा सकता है. अगर यह बढ़ता दिखाई दे तो नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की सलाह जरूर ली जानी चाहिए.

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