वाराणसी में राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ नेता जी सुभाष चंद्र बोस का मंदिर

Smart News Team, Last updated: Wed, 21st Oct 2020, 8:25 PM IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी क्षेत्र के चौमुखी विकास के क्रम में अब विकास का एक नया अध्याय और जुड़ गया है. इसी वर्ष बनकर तैयार हुआ विश्व का पहला वह एकमात्र राष्ट्र देवता सुभाष चंद्र बोस के मंदिर में देशभक्ति की दरिया बहती दिखाई दे रही है.
वाराणसी में स्थित नेताजी के नाम पर बसे सुभाष नगर में राष्ट्र देवता का मंदिर

वाराणसी. देश के अमर शहीद नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत की आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए उन्हें राष्ट्र देवता की उपाधि दी गई है. उनके जन्म दिवस 23 जनवरी 2020 को वाराणसी के लमही नामक स्थान के निकट स्थित नेताजी के नाम पर बसे सुभाष नगर में सुभाष मंदिर बनकर तैयार हुआ था.

इस मंदिर की मुख्य पुजारी महिला खुशी भारतवंशी है. खुशी भारतवंशी की माने तो यह मंदिर में सुबह 7:00 बजे सभी कम धर्म संप्रदाय के लोगों के लिए नित्य खुलता है. बताया कि सुबह के समय मंदिर में भारत माता की संगीतमय आरती तो शाम 7:00 बजे मंदिर बंद होने के समय राष्ट्रगान कर देश के राष्ट्र भक्त सुभाष चंद्र बोस की वंदना की जाती है.

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उन्होंने बताया कि नेताजी के इस मंदिर से जर्मनी थाईलैंड, चीन, जापान, वर्मा व इटली सहित 15 देशों के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है. पुजारी खुशी भारतवंशी ने बताया कि 11 फीट ऊंची राष्ट्र देवता की काले रंग की मूर्ति शक्ति के प्रतीक रूप में मानी जाती है. वही बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मैं हिस्ट्री के प्रोफेसर एवं विशाल भारत संस्थान से जुड़े डॉ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्र देवता के रूप में विख्यात नेताजी सुभाष चंद्र बोस का यह मंदिर विश्व में एकमात्र अनूठा मंदिर है.

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