एनटीईएस से जोड़ा गया मंडुआडीह रेलवे स्टेशन की रेलगाड़ी समय सारणी बोर्ड

Smart News Team, Last updated: 13/12/2020 11:24 PM IST
  • पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर रेलवे स्टेशन के ट्रेन डिस्प्ले इनफार्मेशन सिस्टम यानी एनटीईएस से जोड़ने के बाद अब रेलवे बोर्ड ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की जानकारी के लिए यहां लगे ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम से जोड़ने की तैयारी कर ली है. 
रेलवे बोर्ड ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन के ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम से जोड़ने की तैयारी कर ली है.

वाराणसी. बता दें कि काशी क्षेत्र के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप से रेलवे बोर्ड विकसित कर रहा है. इस क्रम में रेलवे बोर्ड इस स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अधिक से अधिक सहूलियत प्रदान करने को प्रयासरत है. इस क्रम में रेलवे बोर्ड ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन से आने जाने वाली रेल गाड़ियों की समय सारणी को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम से जोड़े जाने की कवायद शुरू कर दी है. रेलवे बोर्ड के दूरसंचार एवं सिग्नल विभाग आधुनिक उपकरणों की मदद से ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड को अपडेट कर दिया गया है.

एसएंडटी विभाग द्वारा मंडुआडीह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड को प्लेटफार्म. प्रवेश द्वार पर लगवाया गया है. अब तक ट्रेनों के आवागमन की जानकारी के लिए रेलवे स्टेशन पर तैनात कर्मचारी मैनुअल तरीका अपना कर यात्रियों को सूचनाएं जारी किया करते हैं. आपाधापी में कभी-कभी समय पर सूचनाएं दर्ज नहीं हो पाती थी जिस कारण यात्रियों को काफी असुविधा तो होती ही थी बल्कि पूछताछ केंद्र पर भी यात्रियों का हुजूम जुट जाता है. ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड को एनटीईएस से जोड़े जाने के बाद रेलगाड़ियों के परिचालन के संबंध में तमाम जानकारियां मसलन कौन सी ट्रेन किस स्टेशन पर है और मंडुआडीह स्टेशन पर कितनी देर में आएगी. इसके अलावा कौन सी ट्रेन कितनी देरी से चल रही है और किस प्लेटफार्म पर आएगी इसकी भी जानकारी ट्रेन टाइम डिस्प्ले बोर्ड पर उपलब्ध रहेगी.

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इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के ट्रेन टाइम डिस्प्ले बोर्ड को एनटीईएस सिस्टम से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इस सिस्टम के चालू हो जाने से यात्रियों को पूछताछ काउंटर के चक्कर लगाने से छुटकारा तो मिल ही जाएगा बल्कि ट्रेन टाइमिंग डिस्प्ले बोर्ड के एनटीईएस सिस्टम से जुड़ जाने के बाद यात्रियों को ट्रेन की लोकेशन के लिए ऐप की मदद लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.

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