पेरिशेबल कार्गो सेंटर की स्थापना के बाद फल व सब्जी निर्यातक हब बन रहा वाराणसी

Smart News Team, Last updated: 11/12/2020 02:44 PM IST
  • सहूलियत मिली तो अधिकतर किसान निर्यात की तरफ रुख कर रहे हैं और पूर्वांचल फल सब्जी निर्यात का हब बनता जा रहा है. इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और खेती किसानी से लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर फायदा पहुंचेगा.
वाराणसी बना फल और सब्जियों के निर्यात का हब

वाराणसी. वाराणसी के राजातालाब में पेरिशेबल कार्गो सेंटर स्थापित होने के बाद सुविधा मिलने से वाराणसी सहित पूर्वांचल जिलों की फल-सब्जी निर्यात में बढ़ोत्तरी होने लगी है. सहूलियत मिली तो अधिकतर किसान निर्यात की तरफ रुख कर रहे हैं और पूर्वांचल फल सब्जी निर्यात का हब बनता जा रहा है. कार्गो सेंटर बनने से तमाम फल व सब्जियां अब सुरक्षित रूप से अलग अलग देशों में भेजी जा रही हैं. सुरक्षित तौर पर फलों व सब्जियों के निर्यात की सुविधा हो जाने से किसानों की आय तेजी से बढ़ रही है.

सन 2018 में पीएम मोदी द्वारा स्थापित पेरिशेबल कार्गो सेंटर में किसान केवल एक रुपये प्रति किलो में सब्जी व दस पैसे प्रति किलो फल एक माह तक सुरक्षित रख सकते हैं.फलों के लिए निर्धारित रेट दस दिन देना होगा. दस दिनों के बाद एक रुपये में एक माह तक किसान फल सुरक्षित रख सकते हैं.सेंटर पर फलों के साल्टिंग एंड ग्रेडिंग की भी मुफ्त सुविधा है. इसके लिए अलग से यंत्र लगाया गया है जो फलों को साइज के अनुसार अलग-अलग करने में सक्षम है. इसके अलावा निर्यात के लिए सेंटर पर फलों व सब्जियों की पैकिंग कृषि और खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के माध्यम से कराई जाती है.

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वहीं कृषि वैज्ञानिकों व विशेषज्ञ के माध्यम से यह सेंटर समय-समय पर किसानों का मार्गदर्शन भी करता है और किसानों को बाजार तक मुहैया कराता है. मंडियों में जाने में असमर्थ किसान के एक फोन पर कर्मी खेतों में जाकर फल व सब्जी खरीद कर बाजार दर से भुगतान करते हैं. इस बीच किसानों के उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के साथ यह सेंटर किसान व बाजार के बीच सेतु का काम करता है.इतनी सहूलियत मिलने के बाद किसानों के व्यापार, निर्यात व आय में बढ़ोत्तरी होना जाहिर है.

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