वाराणसी: शिला पूजन के साथ शुरू हुआ देव पुत्रों के मंदिरों का निर्माण कार्य

Smart News Team, Last updated: 19/10/2020 03:52 PM IST
  • शिव की नगरी काशी के रूप में विख्यात वाराणसी महानगर सदियों से धार्मिक नगरों में से एक प्राचीन देवों का नगर माना जाता रहा है. अब इस देवों की नगरी में देव पुत्रों की शिलाओं का पूजन कर एक और सोपान लिखने का कार्य शुरू हो गया है.
शिव की नगरी काशी में देव पुत्रों के मंदिर स्थापित किए जाएंगे

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र का रुतबा प्राप्त कर लेने के बाद इस देवनगरी में निरंतर देव प्रतिमाएं प्रतिस्थापित की जा रही है. इसी क्रम में महानगर के लमही स्थित इंद्रेश आश्रम के साकेत भूषण भगवान श्री राम के मंदिर प्रांगण में विश्व की पहली ऐसी मंदिर श्रंखला निर्माण का आगाज हो गया है जिसमें त्रेता युग की महाकाव्य रामायण और भगवान राम के मित्रों और उनके सहयोगी देव पुत्रों के मंदिर स्थापित किए जाएंगे.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंद्रेश कुमार ने बताया कि इंद्रेश आश्रम में वनवास के दौरान भगवान राम के जीवन से जुड़े जामवंत, नल, नील, अंगद, जटायु, संपाती, अहिल्या, शबरी, विभीषण, सुषेण वैद्य, त्रिजटा और गरुड़ आदि देव गणों के मंदिरों का निर्माण होगा. उन्होंने बताया कि मंदिरों के निर्माण के लिए रविवार को आश्रम परिसर में भूमि पूजन और देव पुत्रों के प्रतिमाओं के शिलालेखों का पंडित अनुज पांडे एवं पंडित प्रदीप शास्त्री ने विधि विधान से पूजन कार्य संपन्न करा दिया गया है.

उन्होंने बताया कि इन मंदिरों के निर्माण के बाद प्रत्येक रविवार को भगवान श्री राम के साथी उनके जीवन से जुड़े सभी देव पुत्रों की विशेष आरती की जाएगी. बताया कि इन मंदिरों पर सभी धर्मो और समुदाय के लिए पूजा करने की अनुमति होगी यही नहीं मंदिर निर्माण मैं सभी समुदायों और धर्मों का सहयोग भी लिया जाएगा.

 

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