वाराणसी: खुदाई में मिला अंग्रेजों के जमाने का नाला, अधिकारियों को जानकारी नहीं

Smart News Team, Last updated: 01/09/2020 07:10 AM IST
  • वाराणसी के दशाश्वमेध के पास एक बड़ा नाला मिला है. खुदाई के दौरान सूखा नाला सामने आया है जिसकी जानकारी जल निगम के अधिकारियों को भी नहीं थी. स्थानीय लोगों के अनुसार यह शाही नाले का हिस्सा हो सकता है.  सोमवार को एक युवक ने 15 फीट की गहराई तक जाकर बताया कि यह नाला बहुत गहरा है इसके आगे काफी अंधेरा है.
वाराणसी में खुदाई के दौरान अंग्रेजों के जमाने का नाला मिला.

वाराणसी. बनारस के दशाश्वमेध के पास एक बड़ा नाला मिला है. सोमवार को हाइड्रोलिक गेट बनाने के लिए हुई खुदाई के सामने बड़ा नाला सामने आया. हालांकि यह नाला पूरी तरह से सूखा हुआ है. हैरान करने वाली बात यह है कि जल निगम के अधिकारियों को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. अधिकारियों के पास कोई जानकारी नहीं है कि यह नाला कहां जाता है, कब इसका निर्माण हुआ था. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह शाही नाले का हिस्सा है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह अंग्रेजों के द्वारा बनवाया गया नाला है.

राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी भी इस नाले को देखने के लिए पहुंचे. जल निगम के अधिकारियों से बात कर राज्यमंत्री ने जानकारी ली. जल निगम के अधिकारियों ने इसे शाही नाले का हिस्सा होने की बात को लेकर स्पष्ट नहीं होने की बात बताई. राज्यमंत्री मंगलवार को इस नाले की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों से बात करेंगे. 

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दशाश्वमेध क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह शाही नाले का हिस्सा है. इस नाले के आकार सामान्य से बहुत बड़ा है. साथ ही इसमें नीचे उतरने के लिए लोहे की कड़ियां भी लगी हैं. खोदाई के दौरान जब इस नाले का चकौर ढक्कन खोला गया तो लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा.

स्थानीय युवक सोनू इस नाले में 15 फीट तक नीचे गया लेकिन उसके आगे जाने की हिम्मत नहीं कर सका. युवक ने कहा कि नाले में पानी नहीं है यह और भी गहरा हो सकता है लेकिन अंधेरे के कारण गहराई का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का नाला उन्होनें पहली बार देखा है. 

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राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों ने इस नाले की सूचना जल निगम गंगा प्रदूषण और नगर निगम के अधिकारियों को दी. गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बर्मन ने कहा कि यह शाही नाले का हिस्सा हो सकता है लेकिन अभी स्पष्ट कहना संभव नहीं है.  

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