वाराणसी : चार ग्रहण के साथ विश्व पटल पर भारत की जय जयकार कराएगा नया साल

Smart News Team, Last updated: Fri, 1st Jan 2021, 4:43 PM IST
  • देश ही नहीं पूरे विश्व को कोरोना संक्रमण का कटु अनुभव देकर पुराना साल 2020 तो विदा ले गया है. नया साल 2021 हमारे देश के लिए अच्छा हो यही उम्मीद के साथ भविष्यवाणी की है कि नया साल खगोलीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है. 
नया साल खगोलीय दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है

वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कार्यपालक समिति के पूर्व सदस्य एवं ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि द्विवेदी ने नए साल में ग्रह नक्षत्रों की चालों का अध्ययन कर यह निष्कर्ष निकाला है कि नए साल का पहला ग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण के रूप में होगा. यह ग्रहण वैशाख मास की पूर्णिमा को 26 मई 2021 को लगेगा. यह खग्रास चंद्रग्रहण के रूप में चंद्रोदय के समय आंशिक रूप से भारत के कुछ हिस्से में दिखाई देगा. वही जेष्ठ मास की 10 जून अमावस्या को दूसरा ग्रहण सूर्य ग्रह के रूप में पड़ेगा जो कंकणाकृती होगा और भारत में दिखाई नहीं देगा यह अमेरिका के उत्तरी भूभाग और एशिया के उत्तरी और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा. वही इस साल का तीसरा ग्रहण खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा. यह खंडग्रास चंद्रग्रहण कार्तिक मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन 19 नवंबर 2021 को लगेगा. यह चंद्रग्रहण भारत के पूर्वोत्तर भाग में थोड़े समय के लिए दिखाई देगा जबकि साल का आखिरी ग्रहण खग्रास सूर्यग्रहण होगा. यह सूर्य ग्रहण अगहन मास यानी मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन 4 दिसंबर 2021 को लगेगा. यह खग्रास सूर्य ग्रहण अपने देश में नहीं दिखाई देगा. यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया मैं पूर्ण रुप से तथा दक्षिण हिंद महासागर अंटार्कटिका दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में इसका प्रभाव होगा.

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वही काशी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार पांडे बताते हैं कि नए साल का सूर्योदय चिंताओं को कम कर के चिंतन को बढ़ावा देने वाला साबित होगा. लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक तो होंगे ही लेकिन कर्तव्यों के प्रति कुछ लापरवाही भी दिखाई देगी. साल के शुरुआत में नीच राशि के बृहस्पति के साथ पंच ग्रह एवं स्वस्थ ग्रही योग आंतरिक कलह के कुछ क्षेत्रों में असंतुलन उत्पन्न करने वाले साबित होंगे. जबकि सूर्य राहु का षष्ठक योग पूर्वी गोलार्ध के देशों में प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप समुद्री तूफान तथा कई महानगरों में उग्रवाद जन्म जन धन हानि का संकेत दे रहा है. वहीं विश्व व्यापार में परिवर्तन का दौर भी शुरू होगा. व्यापारिक ग्राफ बढ़ने के साथ ही कई देशों में महंगाई बेरोजगारी की समस्या और बढ़ेगी. कट्टरवादी ताकतें दक्षिणी और पूर्वी प्रांत व देश के मध्य भाग में अनेक उपद्रव कारी घटनाओं को जन्म देंगी. विश्व के कुछ देशों में आर्थिक मंदी का दौर चलेगा. गुरु शनि की युति धार्मिक एवं सांप्रदायिक तनाव की स्थिति भी उत्पन्न करेगी.

 बीएचयू के ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनय कुमार पांडे की माने तो मार्च माह के बाद स्थितियां काफी तेज गति से सुधरेगी. कोविड-19 का प्रभाव भी कम होगा तथा किसानों की फसलें भी उत्तम होंगी. फल की खेती भी संतोषजनक होगी. शिक्षा जगत में सक्रियता बढ़ेगी. विश्व के कई देशों में भारत का प्रभाव बढ़ेगा जिससे राष्ट्र की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा.

काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर गिरजा शंकर शास्त्री कहते हैं कि नया साल 2021 शुक्रवार के दिन आरंभ हो रहा है इसलिए पूरे साल शुक्र का ही प्रतिशत रहेगा. इस साल का राजा और मंत्री मंगल ग्रह है इस कारण पूरे साल शुक्र और मंगल का विशेष प्रभाव दिखाई देगा. ग्रह नक्षत्रों की चाल के कारण शुभ फल की अपेक्षा अशुभ फलों की अधिकता रहेगी.नारी वर्ग का उत्थान होने के साथ ही नए साल में तकनीकी और अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना देश नई सफलता प्राप्त करेगा. पूरे साल शादी विवाह का भी उत्सव जैसा माहौल रहेगा. बताते हैं कि मकर संक्रांति के बाद 16 17 जनवरी शनिवार रात 2:45 से देव गुरु बृहस्पति अस्त हो जाएंगे. 12 फरवरी को दिन में 10:06 पर फिर से उदय होंगे. 17 फरवरी को दिन में 10:10 पर एक बार फिर अस्त हो जाएंगे जोकि 19 अप्रैल को शो करो दे पश्चिम में प्रातः 5:41 पर उदय होंगे. उसके बाद से पूरे देश में मांगलिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हो जाएगा.

 

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