लोकतंत्र मजबूत करने को प्रवासी तिब्बतियों ने किया मताधिकार का प्रयोग

Smart News Team, Last updated: Mon, 4th Jan 2021, 1:21 PM IST
  • भारत समेत पूरे विश्व में रह रहे तिब्बत के मतदाताओं ने रविवार को अपने देश का लोकतंत्र मजबूत करने के लिए मताधिकार का प्रयोग किया. इसका में काशी के सारनाथ में रह रहे तकरीबन 150 वोटरों ने अपने देश की निर्वासित सरकार गठन को लेकर अपने वोटों का प्रयोग किया.
तिब्बत के मतदाताओं ने रविवार को अपने देश का लोकतंत्र मजबूत करने के लिए मताधिकार का प्रयोग किया

वाराणसी:बता दें कि रविवार को अपने पड़ोसी देश तिब्बत में सरकार गठन को लेकर वोट डाले गए थे. इस क्रम में 17वीं तिब्बती संसद चुनने के लिए भारत सहित नेपाल भूटान मैं रह रहे तकरीबन पचास हजार और विश्व के अन्य हिस्सों में रह रहे कुल 70000 तिब्बत मूल के मतदाताओं ने रविवार को वोट डाले.

वाराणसी के सारनाथ में तिब्बती संस्थान के पदाधिकारी शिदोन ने बताया कि निर्वासित सरकार के गठन के लिए यह पहली प्रक्रिया है. हमारे देश में चुनाव की इस प्रक्रिया में वाराणसी के सारनाथ में लगभग 150 तिब्बती शरणार्थियों ने लोकतंत्र के उत्सव में शामिल होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया है. उच्च तिब्बती संस्थान के कुलपति प्रोफेसर नवांग समिति सहित सभी मतदाताओं ने बैलट पेपर पर मत दिया. निर्वाचन अधिकारी शिदोंन ने बताया कि वोट डालने के बाद इन बैलट बक्सों को सील कर दिया गया है तथा इन्हें हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला भेजा जा रहा है.

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वाराणसी के सारनाथ में हुए चुनाव के निर्वाचन अधिकारी गेसे लोबसांग के निर्देशन में वोट डाले गए. काशी के सारनाथ स्थित अतिशा हाल को मतदान केंद्र बनाया गया. उन्होंने बताया कि रविवार को डाले गए वोट का यह प्रथम चरण था. बताया कि अंतिम चरण के वोट डाले जाने के बाद बैलेट पेपर की गणना की जाएगी और उनमें से 25 पदों का चयन किया जाएगा बाद इसके अंतिम तौर पर सरकार का गठन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि कल हुए मतदान में हमारे देश के लगभग सभी मतदाताओं ने अपना वोट डाल कर लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दिया है.

 

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