वाराणसी: प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची सर्वे पर उठ रहे सवाल

Smart News Team, Last updated: 16/12/2020 09:00 PM IST
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हमारे क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ने आए तो हमें लगा कि अब दुख भरे दिन बीतने वाले हैं. अरसे से एक अदद छत की तमन्ना थी तो प्रधानमंत्री जी ने हम जैसे गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की. योजना की शुरुआत में तो लगा कि अब तो हम जैसे गरीबों के पास भी अपना घर होगा. 
गरीबों के लिए दूर की कौड़ी बनी प्रधानमंत्री आवास योजना, पात्रता सूची सर्वे पर उठ रहे सवाल

वाराणसी: यह कहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जिले के गरीब आवासहीन ग्रामीणों का है. यहां इस योजना को फलीभूत करने के लिए सरकारी बाबुओं द्वारा आंकड़े बाजी तो खूब की गई, समय पर सर्वे कार्य भी कराया गया किंतु सर्वे रिपोर्ट में गरीबों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और गावों के अपात्रों को पात्रता सूची में ना केवल स्थान दिया गया बल्कि उन्हें आवाज बनाने की धनराशि उपलब्ध करा दी गई. मामले ने तूल पकड़ा तो ग्राम प्रधानों की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना की तैयार की गई पात्रता सूची देख अफसरों के भी सिर चकरा गए. योजना के तहत कराए गए सर्वे कार्य पर भी उंगली उठी तो उसमें भी तमाम खामियां निकल कर सामने आई. हालांकि अब अफसरों की ओर से मामले को ठंडा करने के लिए मरहम भी लगाया जा रहा है. पात्र गरीब ग्रामीणों का आरोप है कि सर्वे के दौरान भी काफी धांधरगर्जी भी हुई.

सर्वे टीम के सदस्य प्रधानों के हुक्के भरते नजर आए. आवाज से वंचित पात्र गरीब पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं. यही नहीं पात्र गरीब योजना के तहत नए सिरे से सर्वे कराए जाने की भी मांग कर रहे हैं. हालांकि जिम्मेदार अफसरों ने पात्रता सूची को एक बार फिर से परखने का मन बनाया है. अफसरों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उठ रहे सवालों की समस्या केवल वाराणसी जनपद में ही नहीं बल्कि पूरे देश में इसी प्रकार की शिकायतें आ रही हैं क्योंकि पीएम आवास योजना का सर्वे देश भर में एक साथ कराया गया था.

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इस संबंध में पीडी उमेश मणि त्रिपाठी कहते हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों की योजना है. गरीबों को भी इसका लाभ दिया जाएगा इसके लिए सूची से बाहर किए गए ग्रामीणों का एक बार फिर सत्यापन कराएंगे.

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