हाईटेक बुआई, PM मोदी के बनारस में ड्रोन खेत में बरसा रहे बीज, Video देखिए

Smart News Team, Last updated: Wed, 4th Aug 2021, 10:42 PM IST
  • पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में हाईटेक बुआई की गई. आकाश में उड़ रहे ड्रोन खेत में बीज बरसा रहे हैं. देश में पहली बार बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित देशों की तरह ड्रोन से गेहूं की बुआई की. बीएचयू कैंपस में स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के एग्री फार्म और मीरजापुर से इसकी शुरूआत की गई.
देश में पहली बार बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित देशों की तरह ड्रोन से गेहूं की बुआई की है

वाराणसी: पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के मीरजापुर स्थित खुटहां गांव में तब लोग हैरान रह गए जब एक किसान के खेत में आसमान से गेहूं के बीज बरसते दिखाई दिए. महेंद्र मौर्या के खेत में देखते-देखते ही चार बस्वा की बोवाई पूर्ण कर दी गई.इस बीच आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में लोग यह कारनामा देखने को इकट्ठा हो गए.देश में पहली बार बीएचयू के कृषि वैज्ञानिकों ने विकसित देशों की तरह ड्रोन से गेहूं की बुआई की है.बीएचयू कैंपस में स्थित कृषि विज्ञान संस्थान के एग्री फार्म और मीरजापुर से इसकी शुरूआत की गई.

 विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर रमेश चंद के नेतृत्व में कृषि अभियंत्रिकी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ए के नेमा और गेहूं के प्रजनक प्रोफेसर वीके मिश्रा ने अपने ड्रोन के स्पेशलिस्ट अभिनव कुमार सिंह ठाकुर के साथ चार-चार बीस्वा पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया.इस सफलता के बाद से अब बोवाई के क्षेत्र को बढ़ाकर हर फसल में लागू किया जाएगा.

वैज्ञानिकों ने बोवाई के बाद उसके विविध उपयोगों पर भी किसानों से चर्चा की. वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में धान की फसल में गेहूं की बोवाई ड्रोन से शुरू किया जा सकता है, जिसका अब सफल परीक्षण कर लिया गया है.इस बारे में प्रोफेसर नेमा ने बताया कि इस कार्य के दौरान उतेरा विधि को अपनाया गया.इस विधि में बिना जोताई के ही बोवाई कर दी जाती है।उन्होंने कहा कि आगे अब खरीफ की फसल के सीजन में दवाइयों व ऊर्वरकों के छिड़काव के लिए भी ड्रोन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा.

फास्टैग नहीं तो टॉल से 1 किलो मीटर पहले रोकेगा NHAI, एक जनवरी से नियम लागू

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बढ़ावा और किसानों को आसानी के लिए कृषि तकनीक को अब अलग तरह से लागू करने की जरूरत है.खेती करने में किसानों को कीचड़, बरसात का पानी व अन्य तमाम समस्याओं का विघ्न आता है.ड्रोन के प्रयोग से समय व श्रम ही नहीं, बल्कि तमाम उन तमाम दिक्कतों व परेशानियों से भी निजात मिलेगी जिससे किसान परेशान रहता है।वहीं ज़्यादा भूमि की खेती हेतु ड्रोन की संख्या बढ़ाकर भी समय की बचत की जा सकती है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें