वाराणसी न्यूज: नदेसर डाकघर में हुए घोटाले का मुख्य आरोपी डाक सहायक गिरफ्तार

Smart News Team, Last updated: 08/11/2020 04:52 PM IST
वाराणसी के नदेसर डाकघर के हुए घोटाले में मुख्य आरोपित विनय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. यह मामला पांच सितंबर को दर्ज किया गया था. उसके बाद से विनय यादव लगातार फरार चल रहा था. विनय यादव ने अधीनस्थ कर्मचारियों, अधिकारियों और डाकघरों के एजेंटों की मिलिभगत से करोड़ों रुपए की हेराफेरी की थी. विनय यादव खेल कोटे से डाकघर में भर्ती हुआ था. उसकी पहली पोस्टिंग 2009 में इलाहाबाद में हुई थी. उसके कुछ दिनों बाद उसने बनारस तबादला करवा लिया था. उसके बाद से लगातार वह फर्जीवाड़े में लगा रहा. कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पहलवानी के करतब दिखाकर उसने मेडल जीते थे.                                                                                                      मऊ के चर्चित विधयाक मुख्तियार अंसारी के बेहद करीब मेराज के तीन मंजिले अवैध निर्माण पर गुरुवार को वीडीए का बुल्डोजर चला. वीडीए की आवासाीय कॉलोनी में 400 वर्ग फीट से भी अधिक जगह पर अतिक्रमण करके कब्जा करने वाले मेराज ने उस पर तीन मंजिला निर्माण भी करवा लिया था. पुलिस ने इस बाबत पहले ही सूचना जारी कर दी थी. गुरुवार को मौके पर जब अधिकारी पहुंचे तो मेराज के परिजनों ने इसका विरोध किया लेकिन मौके पर पुलिस बल को देखते हुए सभी पीछे हट गए. उल्लेखनीय है कि मेराज इन दिनों जेल में है. उसने पिछले दिनों आत्मसमर्पण किया था. उसके ऊपर फर्जी कागजात के आधार पर असलहों का नवीनीकरण करवाने का भी आरोप है.                        बीते चार दिनों से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में धरना दे रहे संविदा कर्मियों के धरने को विश्वविद्यालय ने अवैध घोषित कर दिया है. विश्वविद्यालय के कुल सचिव का कहना है कि बिना पूर्व अनुमति के संविदा शिक्षकों को आंदोलन करने का कोई अधिकार नहीं है. वहीं संविदा शिक्षकों का कहना है कि लगातार आश्वासन के बावजूद विगत चार महीनों से उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. इस मांग के समर्थन में पिछले चार दिनों से वे काशी विद्यापीठ के परिसर में धरना देकर उपवास कर रहे हैं. इस दौरान वे रघुपति राघव राजा राम का भजन कर रहे हैं और अपनी मांग लगातार दोहरा रहे हैं. विश्वविद्यालय द्वारा धरना अवैध घोषित किए जाने के बाद भी संविदा शिक्षकों ने अपना धरना जारी रखा है.           काशी में गंगा के किनारे सिंधिया घाट में स्थित गंगा महल जल्द ही अपने पुराने स्वरूप में दिखेगा. सिंधिया देव अस्थान ट्रस्ट की इस संपति के निर्माण के लिए ट्रस्ट के प्रबंधक प्रभात शर्मा ने आठ साल तक लगातार भागदौड़ की. उनके इस परिश्रम का नतीजा था कि वीडीए ने उन्हें पुन: निर्माण की अनुमति दे दी. गंगा महल काशी के उन प्राचीन और ऐताहासिक स्थलों में से एक है, जिसके साथ क्रांति की कई सुनहरी यादें जुड़ी हुई हैं. 6877 वर्ग फीट इलाके में फैला यह गंगा महल 1864 में सिंधिया स्टेट के राजा जया राव छिंदे द्वारा बनाया गया था.                              काशी में दीपावली के अवसर पर भक्तों को स्वर्ण अन्नपूर्णा विग्रह के दर्शन इस वर्ष भी परंपरा के अनुसार चार दिनों तक होंगे. पंचागों की गणना में हेरफेर के कारण धनतेरस की तिथि को आगे पीछे होने को जो ब्रह्म था, उसे दूर करते हुए मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि स्वर्ण अन्नपूर्णा का दर्शन धनतेरस की तिथि 12 नवंबर से प्रारंभ होगा. मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी ने यह जानकारी दी.

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